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कलेक्टर ने किया वन अधिकार पट्टा निरस्त…

कोरबा छत्तीसगढ़ // कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अजीत वसंत ने पात्रता नहीं होने के कारण प्राप्त पट्टे को निरस्त कर छत्तीसगढ़ शासन के पक्ष में राजस्व अभिलेख दुरूस्त किये जाने हेतु तहसीलदार पोंड़ी उपरोड़ा को आदेशित किया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार न्यायालय कलेक्टर कोरबा के आदेश दिनांक 21/08/2025 को अनावेदक श्री रामावतार पिता देवनारायण जाति-गोंड, मूलतः ग्राम कुम्हारीसानी के निवासी है, परन्तु उनके द्वारा वर्तमान में ग्राम-कांसामार प0ह0नं0-34 तहसील पोड़ीउपरोड़ा, जिला-कोरबा (छ0ग0) में विगत 04-05 वर्षो से कब्जा कर खसरा नंबर 16/1 में से रकबा 1.216 हे0 भूमि का वन अधिकार पट्टा प्राप्त किया गया है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परांपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006 संशोधित अधिनियम, 2012 के तहत् अनुसूचित जनजाति समुदाय के व्यक्तियों को वन अधिकार पत्र की पात्रता दिनांक 13.12.2005 के पूर्व कब्जा हो तथा आवेदित ग्राम के मूल निवासी होने की पात्रता रखती हो। परन्तु अनावेदक श्री रामावतार पिता देवनारायण मूलतः ग्राम-कांसामार तहसील पोड़ीउपरोड़ा की निवासी नहीं होने के कारण खसरा नंबर 16/1 में से रकबा 1.216 हे0 (बटांकन पश्चात् ख0नं0 16/13 रकबा 1.216 हे0) भूमि के प्राप्त वन अधिकार पट्टा निरस्त कर छ0ग0शासन के पक्ष में राजस्व अभिलेख दुरूस्त किये जाने हेतु तहसीलदार पोंड़ी उपरोड़ा को आदेशित किया गया है।

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