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कोरबा:आंगनबाड़ी की छत का प्लास्टर गिरा, बच्चे नहीं होने से टला बड़ा हादसा…

झालावाड़ हादसे के बाद प्रदेश भर में जर्जर सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के हालात किसी से छुपे नहीं है. शहर के आसपास के क्षेत्रो में भी कई विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर अवस्था में नजर आते हैं.


कोरबा छत्तीसगढ / सरकारी भवनों की जर्जर स्थिति को लेकर कोरबा जिले के विभिन्न स्थानों पर समस्या बनी हुई है । इनका परीक्षण करने के साथ आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया गया है लेकिन समय पर काम नहीं होने से दुर्घटनाएं हो रही है।

इसी कड़ी में झाबर में आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 की छत का प्लास्टर भरभराकर  गिर गया। अच्छा यह हुआ कि आंगनबाड़ी केंद्र खुला नहीं था। इसलिए बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी हुई तो लोग सत्के में आ गए। हादसा टलने पर स्थानीय लोगों ने ईश्वर का याद किया।

जानकारी के मुताबिक आज सुबह 9 बजे के आसपास यह घटना हुई। नगर पालिका क्षेत्र दीपका से अलग हटकर झाबर में यह आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है जो कटघोरा विकासखंड और आईसीडीएस परियोजना में आता है। जानकारी मिली है कि आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति जर्जर बनी हुई है। और एक दो अवसर पर लोगों ने विभागीय अधिकारी को इस संबंध में अवगत भी कराया था। अधिकारियों से कहा गया था कि यहां पर सुधार की जरूरत है और इस दिशा में गंभीरता दिखाई जाए। लेकिन लोगों की बातों को काफी हल्के से लिया गया। इस दौरान समय गुजर गया और बारिश के प्रभाव से स्थिति प्रतिकूल हुई। इस बीच आज सुबह आंगनबाड़ी केंद्र संख्या तीन का प्लास्टर जोर की आवाज के साथ धराशाई हो गया। जब केंद्र खोलने के लिए कार्यकर्ता और सहायिका यहां पहुंची तो उन्होंने इस दृश्य को देखा तो उनके होश उड़ गए। कुछ देर में बच्चों के अभिभावकों को भी इस घटना  पता चला। इस दौरान सभी ने मामले को लेकर हैरानी जताई उन्होंने कुछ दिन पहले ही राजस्थान के झालावाड़ में एक सरकारी स्कूल भवन की छत के जमींदोज होने और 9 बच्चों की जिंदगी समाप्त होने का जिक्र किया। उनका कहना था कि आज जो घटना हुई है उसका स्वरूप छोटा है लेकिन यह चिंता का विषय तो है ही।

विधायक प्रतिनिधि नीलेश साहू ने बताया कि उन्होंने और सरपंच की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र की समस्या के बारे में विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका था लेकिन अधिकारियों के द्वारा  काम नहीं कराया गया। न ही इस ओर किसी भी प्रकार का कोई ध्यान दिया गया। जिसके चलते आज आगनबाडी का प्लास्टर भरभराकर गिर गया।

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