जादुई कलश के नाम पर हजारों ग्रामीणों से की करोड़ों की ठगी, 4 ठगबाज गिरफ़्तार…

जशपुर छत्तीसगढ़ // जशपुर पुलिस ने जादुई कलश के नाम पर लाखों लोगों को झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना पत्थलगांव में भा.द.वि. की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने करोड़ों रुपए की ठगी करना स्वीकार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने आर.पी. ग्रुप नाम की फर्जी कंपनी बनाकर भोले-भाले
ग्रामीणों से सदस्यता शुल्क, प्रोसेसिंग फीस और सिक्योरिटी मनी के नाम पर रकम वसूली। उन्हें बताया गया कि कोरबा जिले के मंडवारानी में एक जादुई कलश मिला है, जिसे भारत सरकार विदेश में बेचकर मुनाफा कमाएगी। यह मुनाफा कंपनी के सदस्यों को अनुदान के रूप में दिया जाएगा। प्रत्येक सदस्य को 1 से 5 करोड़ रुपए तक मिलने का लालच दिया गया।
आरोपियों ने यह भी दावा किया कि कलश महंगे धातु का बना है और उसमें जादुई गुण हैं। इसके आधार पर विदेश से खरीदार बुलाकर अरबों रुपए कमाने का सपना दिखाया गया। इसके लिए कंपनी में लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड व फोटो लेकर केवाईसी प्रक्रिया के नाम पर 25,000 से 70,000 रुपए तक वसूले गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरगुजा, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर समेत कई जिलों में करीब 1 करोड़ 94 लाख रुपए की ठगी की। रकम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एसडीओपी पत्थलगांव धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र कुमार दिव्य (46 वर्ष), तुरेंद्र कुमार दिव्य उर्फ मनीष कुमार दिव्य (38 वर्ष), प्रकाश चंद धृतलहरे (40 वर्ष), उपेंद्र कुमार सारथी (56 वर्ष) शामिल हैं। इनके कब्जे से आवश्यक दस्तावेज, मोबाइल और एक कार बरामद की गई जिसकी कीमत 13 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर नामक व्यक्ति ने इस ठगी के लिए प्रेरित किया। महेंद्र बहादुर सिंह ने जादुई कलश के बारे में झूठी कहानियां गढ़कर उन्हें फर्जी कंपनी शुरू करने को कहा।
कंपनी का मुख्य हेड बनाया और 20 अन्य लोगों को जोड़कर ग्रामीणों को प्रलोभन देने का काम सौंपा। थाना पत्थलगांव में दर्ज रिपोर्ट अमृता बाई द्वारा दी गई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में आरोपियों ने उन्हें 25,000 रुपए की प्रोसेसिंग फीस देकर कंपनी में शामिल कराया और झांसा देकर करोड़ों रुपए दिलाने का वादा किया। इसके बाद आरोपियों ने कई लोगों से ठगी कर रकम हड़प ली। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। वहीं फरार आरोपियों महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर सहित एक अन्य की
तलाश जारी है। शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। इस मामले में थाना प्रभारी विनीत कुमार पांडे, एएसआई लखेश साहू, आरक्षक आशीषन टोप्पो, तुलसी रात्रे, कमलेश्वर वर्मा और आलोक मिंज की सराहनीय भूमिका रही है। पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में आम लोगों में राहत की भावना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आम नागरिकों को किसी भी संदिग्ध योजना में पैसा लगाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। पुलिस की टीम ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएगी। यह मामला न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि ग्रामीणों की भावनाओं का शोषण कर विश्वास तोड़ने का भी गंभीर अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



