तेलीकोट सोसायटी में राशन घोटाले के गंभीर आरोप, सैकड़ों कार्यकर्ताओं संग शिवसेना ने तहसील कार्यालय का किया घेराव…

दिसंबर-जनवरी का राशन अधूरा वितरण, खराब चावल थमाने और मनमानी संचालन का आरोप; एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन
राशन वितरण में भारी अनियमितता का आरोप, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

खरसिया छत्तीसगढ़ // ग्राम पंचायत तेलीकोट स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (सोसायटी) में कथित भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर खरसिया शिवसेना इकाई ने बुधवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। शिवसेना अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
दिसंबर और जनवरी माह का राशन अब तक अधूरा, हितग्राहियों में बढ़ी नाराजगी
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि दिसंबर और जनवरी माह का राशन आधे से अधिक राशनकार्ड धारकों को अब तक वितरित नहीं किया गया है। 10 फरवरी 2026 को सीमित हितग्राहियों को राशन दिया गया, जिसमें 30 किलो अच्छी गुणवत्ता का चावल तथा 5 किलो निम्न स्तर का (कनकी मिश्रित) चावल वितरित किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आपत्ति करने पर उन्हें यह कहकर चावल लेने के लिए बाध्य किया गया कि यही शासन से प्राप्त सामग्री है।
फरवरी माह का वितरण भी लंबित, राशन पर निर्भर परिवारों के सामने संकट की स्थिति
शिवसेना अध्यक्ष ने बताया कि फरवरी माह के 12 दिन बीत जाने के बावजूद राशन वितरण प्रारंभ नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत तेलीकोट के अधिकांश परिवार आजीविका के लिए शासकीय राशन पर निर्भर हैं। वितरण में देरी के कारण ग्रामीणों को खाद्यान्न संकट और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अनियमित संचालन और स्टॉक खत्म होने का हवाला, पहले भी की जा चुकी है शिकायत
संगठन का आरोप है कि सोसायटी का संचालन नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है। एक दिन सोसायटी खोलने के बाद कई दिनों तक बंद रखा जाता है। पूछताछ करने पर “चावल खत्म हो गया” कहकर टाल दिया जाता है। फूड इंस्पेक्टर और संबंधित अधिकारियों को पूर्व में दूरभाष और मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पूर्व में 100 क्विंटल चावल गबन का आरोप, फिर भी पुनः मिला संचालन का जिम्मा
शिवसेना अध्यक्ष ने दावा किया कि वर्तमान सोसायटी संचालक पर पूर्व में लगभग 100 क्विंटल चावल गबन का आरोप लग चुका है, जिसकी जांच के बाद उन्हें पद से हटाया गया था। इसके बावजूद पुनः कार्यभार दिए जाने पर संगठन ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वर्तमान में भी कई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में सौंपा ज्ञापन
शिवसेना प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की ओर से मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नितेश राठौर, युवा नेता लाल राठौर, पुरुषोत्तम महंत, रिंकू भारत, अखिलेश साहू, अमित बघेल, संजय यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



