प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5-5 हजार की प्रोत्साहन राशि…

प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथग्रहण समारोह रायपुर में हुआ आयोजित.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में 27 जुलाई को अटल बिहारी वाजपेयी सभागार मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है। इसी अनुरूप हमारी सरकार ने भी छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। हमें पूर्ण विश्वास है कि बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।
प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने सतनामी समाज के समारोह में सम्मानित हो रहे प्रतिभावान विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की।

कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, डिप्टी सीएम विजय शर्मा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, गुरु खुशवंत साहेब, प्रगतिशील सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एलएल कोसले ने भी संबोधित किया।

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इन पदाधिकारियों के कंधों पर समाज को सशक्त बनाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है।
सीएम साय ने समारोह के दौरान रायपुर में सतनामी समाज के बहुउद्देशीय भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा गिरौदपुरी स्थित मड़वा महल के अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति भी प्रदान की।

प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के शपथ ग्रहण समारोह में विधायकगण डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, उत्तरी जांगड़े, शेषराज हरवंश, कविता प्राण लहरे, उत्तरप्रदेश से कमलेश दास, असम से मदन सतनामी, बिहार से श्याम दास, ओडिशा से सूरज भारती, राजस्थान से मारवाड़ सतनामी समाज के अध्यक्ष महेंद्र सतनामी, मध्यप्रदेश से किशन बंजारे तथा दिल्ली से डॉ. जगजीवन खरे सहित सतनामी समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अध्यात्म गुरुगण उपस्थित थे।



