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बलरामपुर में योजनाओं का लाभ न मिलने से युवक ने सरयू नहर में लगाई छलांग, ग्राम प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप…

बलरामपुर में सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने से आहत युवक ने सरयू नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया।

बलरामपुर छत्तीसगढ़ // बलरामपुर में सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने से नाराज एक युवक ने शुक्रवार देर शाम सरयू नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीणों और पुलिस की तत्परता से उसे बचा लिया गया और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना से पहले युवक का एक लंबा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उसने ग्राम प्रधान और उनके भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो में युवक ने कहा है कि उसने प्रधान से 10 किलो राशन और शौचालय के लिए कहा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

आत्महत्या से पहले रोते हुए कहा- ‘नहीं मिला राशन और शौचालय’
मिली जानकारी के अनुसार, उतरौला तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरिया जंगली निवासी राम अचल (40 वर्ष) पुत्र बरसाती ने यह कदम उठाया। सोशल मीडिया पर वायरल 7 मिनट 32 सेकंड के वीडियो में वह रोते हुए कहता नजर आता है कि उसने ग्राम प्रधान से 10 किलो राशन और शौचालय निर्माण के लिए कहा था, लेकिन प्रधान ने कोई सुनवाई नहीं की। वीडियो में वह यह भी कहता है कि उसकी कई समस्याओं को प्रधान और उनके प्रतिनिधियों ने नजरअंदाज कर दिया।

राम अचल ने अपने वीडियो में ग्राम प्रधान और उनके भाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पूर्व प्रधान ने उसके घर का पानी का निकास रोक दिया है और लगातार उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। उसने यह वीडियो इंटरनेट और परिचित पत्रकारों को भी भेजा था।

सरयू नहर में कूदा, ग्रामीणों और पुलिस ने बचाया
हताश होकर राम अचल ने बरमभारी सरयू नहर पुल से छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। तत्परता दिखाते हुए ग्रामीणों और पुलिस ने युवक को करीब 500 मीटर दूर गोकुली गांव के सामने से सुरक्षित बाहर निकाला।युवक को तुरंत सीएचसी उतरौला लाया गया।चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने बताया कि युवक की हालत अब खतरे से बाहर है और उसे प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टर के अनुसार समय रहते बचाव न किया जाता तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

गांव में दहशत और प्रशासन पर सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। गांव में इस घटना को लेकर दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आम आदमी की समस्याओं का समय रहते समाधान हो और योजनाओं का लाभ जरूरतमंद तक पहुंचे, तो ऐसी नौबत ही न आए।इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि ग्राम प्रधान और उनके सहयोगियों की उपेक्षा और उत्पीड़न ने राम अचल को यह कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।

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