LETEST
Blog

बिना अनुमति ओवरब्रिज के नीचे जाम, पार्षद सहित कई पर अपराध दर्ज…

जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ // थाना अकलतरा पुलिस ने रविवार को बलौदा-अकलतरा मुख्य मार्ग पर बिना सूचना और अनुमति के जाम लगाने के मामले में पार्षद सुनीता सिंह, दारा मिश्रा सहित अन्य साथियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अकलतरा ओवरब्रिज के नीचे मुख्य मार्ग पर करीब ढाई घंटे तक अवैध जमावड़ा कर यातायात बाधित किया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, पार्षद सुनीता सिंह और दारा मिश्रा अपने साथियों के साथ अचानक ओवरब्रिज के नीचे पहुंच गए और बिना किसी अनुमति के बलौदा-अकलतरा मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान सैकड़ों वाहनों की कतारें लग गईं। आमजन को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार की शाम करीब 3 बजे शुरू हुआ यह जाम लगभग 5:30 बजे तक जारी रहा।

कानून-व्यवस्था की स्थिति
लगातार बढ़ती भीड़ और बाधित यातायात के चलते कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई। थाना अकलतरा पुलिस को सूचना मिलने पर तत्काल बल मौके पर भेजा गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ को हटाया और मार्ग को खुलवाया। पुलिस ने मौके पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर साक्ष्य एकत्रित किए। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में पार्षद सुनीता सिंह, दारा मिश्रा और अन्य सहयोगियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों पर धारा 191(2), 126(2) BNS के अंतर्गत केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान वीडियोग्राफी और फोटो ग्राफी के माध्यम से की जा रही है और जल्द ही सभी को नोटिस भेजा जाएगा।

लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के अचानक जाम से आम जनता को काफी परेशानी होती है। मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं, व्यापारियों ने भी कहा कि मुख्य मार्ग बंद होने से उनके व्यवसाय पर असर पड़ा। अकलतरा पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन या मार्ग अवरोधन करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक है। बिना अनुमति के किसी भी तरह का जमाव या जाम करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए कानून का पालन करना जरूरी है, अन्यथा न केवल प्रशासन बल्कि आम जनता भी परेशानी का सामना करती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page