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बिलासपुर: कानन जू में सफेद बाघ की मौत से मचा हड़कंप,क्या जू प्रबंधन अपनी व्यवस्था को और बेहतर बना पाएगा…

कानन पेंडारी में सफेद बाघ की मौत:हार्ट अटैक से ‘आकाश’ ने तोड़ा दम; अफसरों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार जांच के बाद उन्होंने बाघ को मृत घोषित कर दिया। बाघ आकाश की उम्र 10 साल थी। मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें हार्ट अटैक की पुष्टि हुई।

बिलासपुर छत्तीसगढ़ – कानन पेंडारी जू से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जू में रहने वाले सफेद बाघ आकाश की अचानक मौत हो गई है। बाघ की मौत की खबर से पूरे जू में हड़कंप मच गया। यह घटना सोमवार सुबह करीब 9:11 बजे की है। रोजाना की तरह जब जू कीपर केज की सफाई के लिए पहुंचा, तो बाघ अचेत अवस्था में पड़ा मिला। पहले तो लगा कि बाघ सो रहा है, लेकिन जब पानी डालने के बावजूद कोई हलचल नहीं हुई, तो जू कीपर ने तुरंत अधिकारियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पीके चंदन ने जांच के बाद बाघ को मृत घोषित किया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि बाघ सुबह 7 बजे तक सामान्य रूप से टहल रहा था। लेकिन ठीक 8:51 बजे उसकी तबीयत बिगड़ी और 9:11 बजे वो ज़मीन पर गिर पड़ा।आकाश के निधन के बाद जू में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।


इस मौके पर जू के अधिकारी भी मौजूद रहे।अब कानन जू में केवल दो सफेद बाघ बचे हैं – बाघिन सिद्धी और उसकी बेटी ईशा। आकाश, सिद्धी का ही शावक था।
इस घटना ने जू प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। जिस वक्त बाघ की तबीयत बिगड़ी, उस वक्त वहां कोई निगरानी नहीं थी। अगर समय पर इलाज मिलता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। सफेद बाघ आकाश की मौत ने फिर एक बार वन्य प्राणी संरक्षण पर चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल ये है कि क्या जू प्रबंधन अपनी व्यवस्था को और बेहतर बना पाएगा?

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