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योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूनिफॉर्म के लिए छात्रों को सीधे खातों में पैसे…

उत्तर प्रदेश : यूपी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के लिए एक और सराहनीय कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को संवारने के उद्देश्य से 487 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजने की घोषणा की है. यह राशि छात्रों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और स्वेटर जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद में उपयोग की जाएगी.

इस योजना का सीधा लाभ प्रदेश के सरकारी प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में अध्ययनरत उन बच्चों को मिलेगा, जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं. सरकार की इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी के अभिभावक को ₹1200 की सहायता राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी. इसका उद्देश्य बच्चों को समय पर विद्यालय की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है ताकि शिक्षा में कोई व्यवधान न आए और वे आत्मसम्मान व आत्मविश्वास के साथ स्कूल जा सकें. इस राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहायता राशि बिना किसी बिचौलियों के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे. साल 2024-25 के शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही यह आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है, जिससे माता-पिता समय रहते आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी कर सकें. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की हालत बेहद खराब थी. विद्यालयों में जर्जर भवन, गंदगी, अव्यवस्था और संसाधनों की कमी आम बात थी. छात्रों की संख्या घटती जा रही थी और ड्रॉपआउट दर चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई थी. लेकिन ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत चलाए गए सुधार कार्यक्रमों ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने बताया कि अब प्रदेश के 97-98% विद्यालय कायाकल्प योजना से जुड़ चुके हैं और शेष शत-प्रतिशत विद्यालयों को भी इस वर्ष इसके दायरे में लाने का लक्ष्य तय किया गया है. विद्यालयों में अब शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल का मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसके चलते छात्रों की संख्या कई स्कूलों में 800 से 1200 तक पहुंच चुकी है. मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि छात्रों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. शिक्षक और छात्र के अनुपात को संतुलित रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बीएड और एमएड के प्रशिक्षु छात्रों को ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत फील्ड अनुभव दिलाने का सुझाव दिया, ताकि वे भी स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को समझ सकें.

सीएम योगी ने समर कैंप के आयोजन को बच्चों के बहुआयामी विकास का माध्यम बताया. उन्होंने आदेश दिया कि समर कैंप में योग, संगीत, नाटक, नृत्य और खेलकूद जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाए. साथ ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अभी से सभी विद्यालयों में तैयारी शुरू करने को कहा. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आयुष मंत्रालय के योग प्रोटोकॉल को स्कूलों में जारी कर बच्चों को मानसिक तनाव से राहत देने वाली गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाई जाए. मुख्यमंत्री ने नवंबर और दिसंबर महीने में विद्यालय स्तरीय खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं को ब्लॉक, जिला, मंडल और राज्य स्तर पर आयोजित करने की योजना की जानकारी दी. राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और अभिनव पहल करते हुए घोषणा की है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक ‘मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय’ की स्थापना की जाएगी. करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ये विद्यालय प्री-प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक की शिक्षा के लिए एकीकृत सुविधाएं देने के लिए सक्षम होंगे. इसमें साइंस और कंप्यूटर लैब, स्टेडियम, मल्टीपर्पज हॉल, लाइब्रेरी और डिजिटल क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी. सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इन विद्यालयों को ‘अटल आवासीय विद्यालयों’ की तर्ज पर निर्मित किया जाएगा, जहां छात्र एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण प्राप्त कर सकेंगे.

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