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रायपुर के लोगों को मिलेगी सस्ती बस सेवा, केंद्र से मिलनी है राजधानी को 100 ई-बसें…

राजधानी की प्रमुख सड़कों पर चलने वाली ई-सिटी बसों का नया डिपो हीरापुर जरवाय में बनाया जाएगा । इसी नए डिपो से शहर के सभी प्रमुख मार्गों और आसपास ई-सिटी बसें चलेंगी। शहर के लोगों को हर मार्ग पर सस्ती बस सेवा मिलेगी। अभी गिनती के दो-चार मार्गों तक ही सीमित हैं, इसलिए …

रायपुर छत्तीसगढ़ // राजधानी की प्रमुख सड़कों पर चलने वाली ई-सिटी बसों का नया डिपो हीरापुर जरवाय में बनाया जाएगा । इसी नए डिपो से शहर के सभी प्रमुख मार्गों और आसपास ई-सिटी बसें चलेंगी। शहर के लोगों को हर मार्ग पर सस्ती बस सेवा मिलेगी। अभी गिनती के दो-चार मार्गों तक ही सीमित हैं, इसलिए ऑटो रिक्शा वालों की मनमानी की वजह से शहरवासियों को परेशान होना पड़ता है। 8 से 10 किमी तक सफर करने के लिए सौ से डेढ़ सौ रुपए की चपत आम लोगों को लगती है।

टाटीबंध से भनपुरी रिंग रोड-2 पर हीरापुर जरवाय में ई- सिटी बसों का नया डिपो अब बनने जा रहा है। इसके लिए 11 करोड़ 17 लाख रुपए का टेंडर फाइनल हुआ है। इसे आठ महीने में तैयार करना है। इसका पूरा कैम्पस 5 एकड़ क्षेत्र में रहेगा। जहां बसों का चार्जिंग स्टेशन होगा और अलग-अलग महिला, पुरुष का टिकट काउंटर बनाया जाएगा। ई सिटी बसों के संचालन के लिए डिपो में ही पूरा कार्यालय संचालित होगा।

चारों तरफ बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा है। डिपो का निर्माण कराने का ठेका बिलासपुर की श्रद्धा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। नगर निगम द्वारा जारी वर्कआर्डर में ठेका कंपनी को अगले महीने से निर्माण शुरू करना है। डिपो से बसें निकलकर सीधे रिंग रोड नंबर टू पर पहुंचेंगी और जीई रोड, कोटा, गुढ़ियारी, भनपुरी, बिरगांव समेत शहर के विभिन्न मार्गों पर चलेंगी। रेलवे और नया बस टर्मिनल मुख्य स्टैंड होगा।

अभी यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है, लोगों की जेब कट रही

अभी शहरी सार्वजनिक यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। कोरानाकाल के समय तीन सालों तक नगर निगम की 69 सिटी बसें खड़ी रह गई। इनमें ज्यादातर कंडम घोषित कर दी गई। ऐसे में मुश्किल से 35 सिटी बसें चलने का दावा निगम प्रशासन का है, लेकिन ये बसें शहर के दो-चार मार्गों पर ही नजर आती हैं। स्टेशन से जरूर बिरगांव, विधानसभा रोड, नवा रायपुर होते हुए मंदिर हसौद तक चलती हैं। गिनती की सिटी बसें चलने की वजह से सार्वजनिक यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है और लोगों को स्टेशन, बस स्टैंड जाने के लिए सौ से डेढ़ सो रुपए देना पड़ता है।

कंसल्टेंसी एजेंसी तय करने के इम्पैनल किया

नगर निगम के अफसरों के अनुसार विगत दिनों केंद्रीय शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव दौरे पर आए थे। बैठक में जानकारी दी गई कि भारत सरकार ने सड़कों का सर्वे कराने के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी तय करने के इम्पैनल किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के जिन चार प्रमुख शहरों को ई-बसें मिलने वाली हैं, वह किन-किन मार्गों पर चलेंगी। इसका सर्वे केंद्र सरकार की एजेंसी करेगी। इसी के आधार पर प्रति किमी के हिसाब से किराया दर भी तय होगी। 5 लाख से लेकर 10 लाख से अधिक आबादी वाले निकायों को किश्तों में ई-सिटी बसें केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। ये बसें रायपुर को मिलने में अभी एक साल और लगेगा।

राजधानी के नगर निगम को 100 ई-बसें देने की घोषणा केंद्र सरकार ने दो साल पहले की थी, लेकिन फंड स्वीकृति में देरी की वजह से आज तक न तो डिपो बन पाया न ही इन बसों के आने का समय तय हुआ है। पीएम ई-बस सेवा शुरू करने का ऐलान रायपुर नगर निगम के अलावा दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा नगर निगम को देने के लिए किया गया था। इन चारों प्रमुख शहरों को 240 ई-सिटी देने का लक्ष्य तय किया गया है। ताकि शहरी सार्वजनिक यातायात को बढ़ावा मिले और काफी हद तक वायु प्रदूषण भी कम हो सके। इसी के तहत इन बसों के लिए डिपो बनाने का फंड रिलीज हुआ है।

राजधानी के रिंग रोड-2 से लगे हुए 5 एकड़ क्षेत्र में ई-सिटी बसों के लिए नया डिपो बनाने का प्लान फाइनल हो गया है। बिलासपुर की कंस्ट्रक्शन एजेंसी को 11 करोड़ 17 लाख रुपए का ठेका मिला है। इस एजेंसी को अगले महीने से निर्माण शुरू करने कहा गया है।

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