बलौदाबाजार का गातापार मर्डर केस, पिता के कत्ल में बेटा गिरफ्तार, ऐसे हुआ खुलासा…

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ – जिले के शांत और सरल माने जाने वाले ग्राम गातापार की एक रात ऐसी स्याह हुई कि पूरे गांव को सन्न कर गई.जहां रोज़मर्रा के झगड़ों की तरह शुरू हुआ एक पारिवारिक विवाद, अचानक एक हत्या में तब्दील हो गया.अगर पलारी अस्पताल के डॉ. पंकज वर्मा की तेज नजर नहीं पड़ती और मानवीय सतर्कता नहीं होती, तो यह केस एक दुर्घटनात्मक मौत के झूठे पर्दे में हमेशा के लिए दब जाता. कत्ल का राज कभी नहीं खुल पाता.
26 मई को हुआ था कत्ल: पूरी घटना 26 मई की रात करीब 9:30 बजे की है.ग्राम गातापार निवासी कामता प्रसाद कुर्रे शराब के नशे में धुत होकर घर लौटे. नशे की हालत में उन्होंने अपनी पत्नी रेशम बाई कुर्रे से गाली-गलौज शुरू कर दी. यह कोई नई बात नहीं थी. पड़ोसियों और परिजनों के अनुसार घरेलू हिंसा की यह कहानी रोज की थी. हर दिन कामता प्रसाद कुर्रे घरेलू हिंसा करता था.
शराबी पिता पर बेटे ने किया हमला: 20 वर्षीय बेटे चंद्रशेखर कुर्रे ने जब अपने पिता कामता प्रसाद कुर्रे को अपनी मां को मारते देखा तो उससे रहा नहीं गया. वह गुस्से से आग बबूला हो गया. आवेश में आकर उसने पास ही रखे बांस के डंडे से पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिया. जिससे कामता प्रसाद कुर्रे के सिर में गंभीर चोट आई. उसे घायल अवस्था में पहले पलारी और फिर बाद में बलौदाबाजार जिला अस्पताल ले जाया गया. यहां इलाज के दौरान कामता प्रसाद की मौत हो गई.
मौत के बाद बोला गया झूठ: इस घटना के बाद परिवार ने पुलिस को बताया कि कामता प्रसाद छत से गिर गए थे, जिससे उन्हें चोट लगी और उनकी मौत हो गई. इस तरह झूठ की दीवार गढ़ी गई कि छत से गिरने से कामता प्रसाद की मौत हुई है. लेकिन यह कहानी ज्यादा देर टिक नहीं पाई.
डॉक्टर की मेडिकल जांच में हुआ खुलासा: पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात डॉ. पंकज वर्मा को शव की जांच करते वक्त कुछ असामान्य लगा. शरीर पर चोटों के पैटर्न से उन्होंने साफ समझ लिया कि ये गिरने से नहीं बल्कि डंडे या किसी हथियार से मारे जाने के संकेत थे. डॉ. पंकज वर्मा ने न सिर्फ मामले को गंभीरता से लिया, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचित करते हुए हत्या की आशंका जताई.उनकी इस सतर्कता से पुलिस को सही दिशा में जांच का मौका मिला.
घावों का स्वरूप गिरने जैसा नहीं था.शरीर पर कई वार के गहरे निशान थे, जो हिंसात्मक चोटों की तरफ इशारा कर रहे थे- पंकज वर्मा, ड्यूटी डॉक्टर, पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
पुलिस ने 2 घंटे में सुलझाया केस: जैसे ही सूचना मिली, एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर थाना प्रभारी अजय झा और उनकी टीम तत्काल हरकत में आई. महज 2 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी चंद्रशेखर कुर्रे को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में चंद्रशेखर शुरू में पिता के छत से गिरने की बात दोहराता रहा,लेकिन जब पुलिस ने सख्ती और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो वह टूट गया और पूरा जुर्म कबूल कर लिया.
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज: हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानि का BNS के तहत केस दर्ज किया है. आरोपी को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया जारी है.
आरोपी के बारे में जानकारी: आरोपी चंद्रशेखर कुर्रे महज 20 साल का है. उसने 12वीं तक की पढ़ाई की है. वह शांत स्वभाव का लड़का था, लेकिन घरेलू हिंसा की घटनाओं से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था.
गातापार की इस वारदात की गुत्थी डॉक्टर के अलर्ट रहने और पुलिस की जांच के वजह से सुलझ गई. दूसरी तरफ इस घटना ने एक बार फिर शराब और घरेलू हिंसा से पैदा होने वाले अपराध की ओर इशारा किया है.



