छत्तीसगढ़ के इस शहर में जमकर गरजा बुलडोजर, सरकारी जमीन पर बनाया था मकान; 10 ढ़हाये गए, बाकी 9 लोगों को दो दिनों का मोहलत… देखें वीडियो

मानिकपुर डिपरापारा में प्रशासन ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया। मानिकपुर निवासी लक्ष्मण लहरे, सीताराम चौहान, राजू सिमोन और सूरज चौहान पर करीब 1 एकड़ से अधिक शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे कर करोड़ों रुपए में बेचने का आरोप था।
कोरबा छत्तीसगढ़ // नगर निगम कोरबा क्षेत्र के मानिकपुर डिपरापारा में गुरुवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर किए गए 10 माकानों और बॉड्री वॉल को अतिक्रमण मुक्त कराया। और करीब 9 मकानों को दो दिन का समय दिया गया स्वयं से अतिक्रमण हटाने के लिए।

लक्ष्मण लहरे, सीताराम चौहान, राजू सिमोन और सूरज चौहान पर करीब 1 एकड़ सरकारी भूमि को प्लॉट काट – काट कर 50 रुपये के स्टांप पर करोड़ों रुपये में बेचने का आरोप था।

50/50 रूपये के स्टांप पर
जिस शिकायत पर निगम प्रशासन द्वारा उक्त कब्जेदारों को पहले नोटिस दिया गया था। उसके बाद टीम गठित कर बेदखली की कार्रवाई की गई।प्रशासन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इसी बात को लेकर अवैध कब्जाधारियों के कुछ लोगों और प्रशासन के बीच बहस होती रही। सुबह के करीब 10 बजे कार्रवाई के लिए पहुंची टीम दोपहर तक अतिक्रमण हटाने में सफल हो पाई।
इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार, पटवारी, नगर निगम के तोडु दस्ता की टीम, नगर निगम जोन प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे।
टूटे हुए मकानों के लोगों के अरमान भी टूटे :एक और युवक जो अपने मकान की निगरानी कर रहे थे, उन्होंने बताया कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद वह ना घर के रहे हैं ना घाट के रहे हैं।
छल कर बेच दिए शासकीय भूमि रजिस्ट्री बताकर.
लोगों ने बताया कि हम को बोला गया था कि यह रजिस्ट्री की ज़मीन है कभी आप लोगों का मकान नहीं टूटेगा। हम लोगों को पैसे की जरूरत है इसलिए यह जमीन को बेच रहे हैं। लेकिन जब मकान टूटने के बाद हमारे द्वारा लक्ष्मण लहरें ,सीताराम चौहान और राजू सिमोन से फ़ोन पर संपर्क करना चाहा तो फोन पर संपर्क नहीं हो सका. जिसके बाद हम लोगों द्वारा उनके घर जाने पर घर पर भी नहीं मिले। क्योंकि जमीन हम लोगों के द्वारा उन्हीं से खरीदी गई थी। उनके झाँसे में आ कर हमारे जीवन भर की मेहनत की कमाई चला गया। अब हमें हमारा पैसा वापसी चाहिए। पैसा नहीं वापस मिलने की स्थिति पे हम लोग कानून का सहारा लेंगे। ताकि भविष्य में इन तीनों के झाँसे में कोई न आ सके।
महिला पार्षद से गाली गलौच और मारपीट की भी धमकी.
क्षेत्र की महिला पार्षद के द्वारा कुछ महीने पहले मौके पर जाकर बेजा कब्ज़ा रोकने का प्रयास किया गया था।पर लक्ष्मण लहरें, सीताराम चौहान, राजू सिमोन के द्वारा महिला पार्षद को गाली गलौज और मारपीट की धमकी देकर वहाँ से उसे भगा दिया गया धा। जिसके बाद महिला पार्षद ने कलेक्टर, नगर निगम कोरबा, एस डी एम, तहसीलदार, पटवारी को लिखित में शिकायत की थी।
अब देखने वाली बात यह होगा कि लक्ष्मण लहरें, राजू सिमोन और सीताराम चौहान के ऊपर शासकीय भूमि को करोड़ों रुपयों में बेचने के मामले पर प्रशासन कब तक एफआईआर कर कार्रवाई करती है। जिससे इनके हौसले पस्त हो सकें।



