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ASP बन गए संभल के सीओ अनुज चौधरी, स्पोर्ट्स कोटे वाले यूपी के इकलौते खाकीधारी जो बने अफसर साहब…

UP के चर्चित पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी अब एडिशनल एसपी बन गए हैं। खेल कोटे से पुलिस सेवा में आए अनुज, इस पद पर पहुंचने वाले पहले अफसर हैं। संभल हिंसा और विवादित बयानों के कारण वे पहले भी चर्चा में रहे थे, लेकिन अपनी खेल प्रतिभा और विभागीय सेवा के चलते उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

लखनऊ/संभल: उत्तर प्रदेश के चर्चित पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी अब एडिशनल एसपी (ASP) बन गए हैं। प्रशासन की तरफ से शुक्रवार की रात प्रमोशन संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया गया है। विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक में उनका नाम शामिल था। 2012 बैच के पीपीएस अधिकारी अनुज खेल कोटे से पुलिस सेवा में आए और अब इस कोटे से एडिशनल एसपी बनने वाले पहले अफसर हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सीओ से एडिशनल एसपी बनने के लिए 12 साल की सेवा जरूरी होती है। इस बैच में केवल अनुज चौधरी ने यह सेवा अवधि पूरी की है।

2012 बैच के अनुज चौधरी, संभल हिंसा और विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे थे। खेल कोटे से पहले नियुक्ति पाने और सीनियरिटी मिलने के कारण, वे प्रमोशन के लिए एकमात्र पात्र अफसर बन गए हैं। 2 अगस्त को हुई DPC बैठक में यह फैसला लिया गया। अनुज चौधरी ने कुश्ती में भारत का नाम भी रोशन किया है। अनुज चौधरी 2012 बैच के इकलौते ऐसे अफसर हैं, जो प्रमोशन के लिए योग्य पाए गए हैं।

उनका चयन 2014 में हुआ था। लेकिन, खेल कोटे के तहत उन्हें पहले नौकरी मिल गई थी। इसी वजह से उन्होंने सीनियरिटी की मांग की थी, जिसे मान लिया गया। 2 अगस्त को हुई DPC (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमिटी) की बैठक में 2007 से 2010 तक के 29 डिप्टी एसपी के नामों पर विचार किया गया। इनमें से 11 अफसर अयोग्य पाए गए। बाकी अफसरों में से कोई भी अनुज जितनी सेवा पूरी नहीं कर पाया था। इसलिए, अनुज चौधरी प्रमोशन के लिए अकेले उम्मीदवार थे।


अनुज चौधरी संभल में हुई हिंसा के दौरान सुर्खियों में आए थे। उस समय उनके पैर में गोली लगी थी। उन्होंने एक विवादित बयान भी दिया था। उन्होंने कहा था, “होली साल में एक बार आती है, जुमा 52 बार आता है।” उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। लेकिन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि “पहलवान है, पहलवान की तरह ही बोलेगा।”

अनुज चौधरी पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्होंने सपा नेता आजम खान को प्रशासनिक नियमों के तहत अंदर जाने से रोका था। इसके बाद उनका विवाद और बढ़ गया था। संभल हिंसा के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू हुई थी। लेकिन, बाद में वह जांच बंद कर दी गई। पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद दोबारा जांच हुई, जिसमें अनुज को क्लीनचिट मिल गई।

अनुज चौधरी मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के रहने वाले हैं। वे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान भी रहे हैं। उन्होंने कुश्ती में भारत का नाम रोशन किया है। 1997 से 2014 तक वे नेशनल चैंपियन रहे। 2002 और 2010 के नेशनल गेम्स में उन्होंने दो सिल्वर मेडल जीते। एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं। उन्हें 2001 में लक्ष्मण अवॉर्ड और 2005 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

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