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पुत्र मोह में भूपेश ने पूरी कांग्रेस को झोंका,प्रदेश की जनता बहकावे में नहीं आने वाली : उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन…


0 उद्योग मंत्री ने भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता को किया संबोधित
0 भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी

कोरबा छत्तीसगढ / वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज टीपी नगर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत प्रेस वार्ता  को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस बताएं कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर है जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं उसे व्यक्ति के लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन करने की बात कह रही है, इसका साफ मतलब है भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया है। कुल मिलाकर भूपेश बघेल अपने कारनामे को गलत दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं ।
भूपेश बघेल और कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को बचाने पूरे प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है और साथ ही उनका आर्थिक रूप से नुकसान भी करने जा रही है जो की प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी। मंत्री श्री देवांगन ने कहा की कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल के झूठ का पर्दापाश हो गया है। भाजपा ने पत्रकार वार्ता में तथ्यों एवं दस्तावेज  के माध्यम से कांग्रेस के झूठ को एक बार फिर बेनकाब किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है। आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पाँच वर्ष में भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था।
मंत्री देवांगन ने कहा भूपेश बघेल की सरकार ने कोल परिवहन के सिस्टम को ऑनलाइन से ऑफलाइन कर दिया था। कोरबा समत अन्य जिलों के खदानों से निकलने वाले कोयले में  अवैध वसूली की जाती थी। भाजपा सरकार बनने के सिर्फ दो महीने बाद 7 फरवरी 2024 को कॉल परिवहन का सिस्टम  पुनः ऑनलाइन कर दिया गया था। इस तरह से गड़बड़ी के सारे रास्ते को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विष्णु देव सरकार बंद कर चुकी है। शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं। तो भूपेश बघेल के पेट में दर्द हो रहा है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि जब भी कोल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेलजी बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेशजी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे? न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह जी की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था।
23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेलजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।
मंत्री देवांगन ने कहा कि 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई थी।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी,महापौर संजू देवी राजपूत , भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पार्षद अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन सहित अन्य उपस्थित रहे।

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