LETEST
Blog

कोरबा में बिजली कटौती से हाहाकार, उपभोक्ताओं ने जताया रोष…

“भीषण गर्मी में अंधेरे में डूबा शहर, जिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी”

कोरबा में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन हो या रात, हर कुछ घंटों में बिजली गुल होने से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

रात के समय घंटों बिजली बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। उमस भरी गर्मी में लोग पूरी रात जागने को मजबूर हैं। कई इलाकों में पानी की मोटरें बंद पड़ गई हैं, जिससे पेयजल संकट भी गहराने लगा है। लोगों का कहना है कि बिजली नहीं रहने से घरों में पानी तक नहीं पहुंच पा रहा है।

किसानों की स्थिति भी बदतर होती जा रही है। नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के कारण खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। मोटर पंप बंद पड़े हैं और फसलें सूखने की कगार पर पहुंच रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा सीधे किसानों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत करने के लिए जब सब-स्टेशन या जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाया जाता है, तो या तो कॉल रिसीव नहीं की जाती या फिर गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। जनता का आरोप है कि विभाग पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है और लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं बचा है।

गर्मी बढ़ते ही हर साल बिजली व्यवस्था चरमराने लगती है, लेकिन इस बार हालात और भी ज्यादा खराब नजर आ रहे हैं। आक्रोशित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

फिलहाल बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ता जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page