
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम करही में हुए चर्चित गोलीकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यक्षमता की बड़ी परीक्षा बन गई थी। घटना के बाद लोगों में भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल था। लगातार जनदबाव, मीडिया की नजर और राजनीतिक चर्चाओं के बीच जांजगीर-चांपा पुलिस ने हार नहीं मानी।
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण से लौटते ही जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) विजय पांडेय ने स्वयं पूरे मामले की कमान संभाली और टीम के साथ सीधे ग्राउंड में उतरकर जांच को तेज किया। सीमित सुरागों के बावजूद पुलिस ने दिन-रात मेहनत करते हुए “ऑपरेशन हंट” चलाया और आखिरकार आरोपियों तक पहुंचकर मामले का पर्दाफाश कर दिया।
तपती गर्मी, लंबी दूरी की दबिश, अंधेरी रातों की निगरानी, गांव में विशेष कैंप, लगातार फील्ड मूवमेंट, 200 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्य, साइबर एवं आसूचना टीम की सक्रियता और 07 राज्यों तक फैली जांच ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
कई बार जांच भटकी, कई बार परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं, लेकिन पुलिस टीम का धैर्य, साहस और समर्पण कमजोर नहीं पड़ा। जिस रणनीतिक और आक्रामक तरीके से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, वह जांजगीर-चांपा पुलिस की पेशेवर दक्षता, मजबूत टीमवर्क और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण बन गया है।
यह सफलता केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, कानून की प्रतिष्ठा और पुलिस के सम्मान की जीत मानी जा रही है।
जिलेवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जब नेतृत्व मजबूत हो और अधिकारी खुद मैदान में उतरें, तो बड़े से बड़ा अपराध भी ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकता।



