सो रही 5 साल की बच्ची को हाथी ने उठाकर पटका, हमले में मासूम समेत तीन की मौत…

रायगढ़ के जंगलों में एक बार फिर हाथियों के दल ने उत्पात मचाया है। जानलेवा हमले में तीन की मौत हो गई है। वहीं इस घटना से ग्रामीणों में जबरदस्त खौफ है.

रायगढ़ छत्तीसगढ़ / बारिश के मौसम में छत्तीसगढ़ के जंगलों में हाथियों का आतंक जारी है. रायगढ़ में दो जगहों पर हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया. एक तीन साल के बच्चे समेत तीन लोगों को हाथियों ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया.
वन विभाग ने मौतों की पुष्टि की: हाथियों के हमले में तीन लोगों के मौत की पुष्टि रायगढ़ वन विभाग ने की है. संभागीय वन अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि एक मादा हाथी और उसके बच्चे ने मंगलवार रात अंगलीकला क्षेत्र के गोसाईडीह गांव में कुछ घरों को तहस-नहस कर दिया. इसके बाद तीन साल के सत्यम रावत को कुचलकर मार डाला.
इसके बाद दोनों हाथी मोहनपुर गांव पहुंचे. उत्पात मचाते हुए हाथियों ने संतरा बाई राठिया ( उम्र 46 साल) और पुरुषोत्तम खड़िया (उम्र 48 साल) पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. यह दोनों घटनाएं धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा वन क्षेत्र की है-जितेंद्र उपाध्याय, संभागीय वन अधिकारी, रायगढ़
मृतकों के परिजनों को दी गई मुआवजा राशि: संभागीय वन अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी सूचना पाने के बाद तत्काल मौके पर पहुंचे. उन्होंने शव को हटाया और मृतकों के परिजनों को 25 हजार रुपये की मुआवजा राशि दी.
वन विभाग लोगों को कर रहा सतर्क: हाथी के हमले के बाद वन विभाग लोगों को सतर्क करने में जुट गया है. वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है. स्थानीय लोगों को अलर्ट किया जा रहा है. उन्हें जंगल की ओर जाने से मना किया गया है.
छत्तीसगढ़ में हाथी मानव संघर्ष चिंता का विषय: प्रदेश में हाथी मानव संघर्ष चिंता का विषय है.राज्य के उत्तरी क्षेत्र में बीते 10 वर्षों में हाथी और मानवों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ी है.छत्तीसगढ़ वन विभाग के अनुसार बीते पांच साल में हाथियों के हमले मं कुल 320 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर और बलरामपुर में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही है.



