
रामगढ़ मार्ग पर स्थित नगरपरिषद के डंपिंग यार्ड में रविवार को बड़ी संख्या में मरी हुई गायों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि वहां करीब 500 से भी ज्यादा गायों के सड़े-गले शव पड़े हुए थे।
राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक बहुत ही गंभीर और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। रामगढ़ मार्ग पर स्थित नगरपरिषद के डंपिंग यार्ड में रविवार को बड़ी संख्या में मरी हुई गायों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि वहां करीब 500 से भी ज्यादा गायों के सड़े-गले शव पड़े हुए थे।
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा और नाराजगी फैल गई है। स्थानीय लोगों और गो-प्रेमियों का कहना है कि जब वे शनिवार को उस इलाके में गए, तो उन्होंने वहां का दृश्य देखकर दंग रह गए। पूरे डंपिंग यार्ड में जगह-जगह मरी हुई गायों के शव बिखरे पड़े थे। कई शव बहुत बुरी हालत में थे और वहां से तेज बदबू भी आ रही थी। लोगों के अनुसार यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि इसे देखकर कोई भी विचलित हो सकता है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने भी तुरंत कार्रवाई शुरू की। जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरी रिपोर्ट मांगी है। वहीं नगरपरिषद के कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने भी इस पर संज्ञान लिया और मृत पशुओं के निस्तारण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया है। ठेकेदार से इस लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया है। बताया जा रहा है कि नगरपरिषद ने मृत पशुओं के निस्तारण के लिए एक अधिकृत हड्डी ठेकेदार को जिम्मेदारी दी हुई थी। लेकिन आरोप है कि उसने समय पर और सही तरीके से काम नहीं किया, जिसके कारण इतने बड़े पैमाने पर मृत गायें डंपिंग यार्ड में इकट्ठा हो गईं। बाद में प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए वहां से शवों को हटाकर निस्तारण करवाया। स्थानीय लोगों और गो-प्रेमियों ने मांग की है कि सरकार और प्रशासन गायों के लिए बेहतर व्यवस्था करे।



