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राज ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार, जेल में बनी दोस्ती के बाद रची थी वारदात की साजिश…

कटघोरा पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई, 100 से अधिक CCTV फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस।

कोरबा छत्तीसगढ़ // कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूट प्रयास मामले का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी पहले हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में जेल जा चुके थे और जेल में ही उनकी दोस्ती हुई थी। रिहाई के बाद उन्होंने सुनियोजित तरीके से लूट की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, 1 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1 बजे राज ज्वेलर्स के संचालक राजकुमार अग्रवाल दुकान में अकेले मौजूद थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की चोरी की मोटरसाइकिल से तीन आरोपी ग्राहक बनकर पहुंचे। तीनों ने गमछे से चेहरा ढंक रखा था, जिनमें एक आरोपी महिला के वेश में था।

आरोपियों ने पहले चांदी की अंगूठी दिखाने का बहाना बनाया। जैसे ही दुकानदार काउंटर पर पहुंचे, एक आरोपी ने दुकान का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया, जबकि दूसरे ने देशी कट्टा निकालकर उनकी छाती पर तान दिया। आरोपियों ने मिर्च पाउडर डालने का भी प्रयास किया और दुकान में रखे आभूषण बैग में भरने लगे। इसी दौरान बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिससे घबराकर आरोपी मौके से भाग निकले। भागते समय वे अपना देशी कट्टा और चोरी की मोटरसाइकिल घटनास्थल पर ही छोड़ गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया और साइबर तकनीक, मुखबिर तंत्र तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। जांच के दौरान पुलिस ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर सहित कई क्षेत्रों में लगातार दबिश दी।

जांच में गोपाल सिंह गोंड, परदेशी राठिया और विष्णु प्रसाद राठिया की पहचान हुई। पुलिस ने गोपाल सिंह गोंड और परदेशी राठिया को गिरफ्तार कर लिया, जबकि विष्णु प्रसाद राठिया अब भी फरार है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी पहले अलग-अलग गंभीर मामलों में जेल जा चुके थे। जेल में उनकी दोस्ती हुई और वहीं उन्होंने रिहाई के बाद लूट की घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई। उसी योजना के तहत चोरी की मोटरसाइकिल और देशी कट्टे का इस्तेमाल कर राज ज्वेलर्स में वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।

इन धाराओं में दर्ज है मामला

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 237/2026 के तहत धारा 309(6), 61(2)(क) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में किया गया। कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कटघोरा) नीतीश कुमार ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम ने काम किया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी कटघोरा मोतीलाल पटेल, निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी, सायबर पुलिस थाना के उपनिरीक्षक अजय सोनवानी, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, आरक्षक डेमन ओग्रे, आलोक टोप्पो, सुशील यादव, संजू सिंह, श्याम सिदार, विरकेश्वर सिंह, रवि कुमार, सहायक उपनिरीक्षक राम पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक अनुज सिंह, राजेश कवर, गोपाल यादव, प्रशांत सिंह, रितेश शर्मा, सुनील सिंह सहित कटघोरा पुलिस एवं विशेष टीम के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस ने फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा करते हुए बताया कि उसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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