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संविधान हत्या दिवस पर भाजपा की संगोष्ठी: आपातकाल लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, नई पीढ़ी को सच्चाई बताना जरूरी…

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा देश के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्याय ‘आपातकाल’ के 51 वर्ष पूरे होने पर “संविधान हत्या दिवस” के रूप में एक विशाल विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सीएसईबी स्थित सीनियर क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने आपातकाल को संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतंत्र की आवाज पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा प्रहार बताया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती के प्रांतीय अध्यक्ष जुड़ावन ठाकुर एवं भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

लाखों लोगों की दबाई गई आवाज, प्रेस पर लगा दी गई थी सेंसरशिप: जुड़ावन ठाकुर

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विद्या भारती के प्रांतीय अध्यक्ष जुड़ावन ठाकुर ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय इतिहास का वह काला सच है, जिसने नागरिकों के मौलिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पूरी तरह कुचल दिया था। उन्होंने कहा:

“उस दौर में लाखों लोगों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया और प्रेस पर कड़ा प्रतिबंध (सेंसशिप) लागू कर दिया गया। आज हमारे लोकतंत्र सेनानियों के कड़े संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल है। आज की नई पीढ़ी को आपातकाल की इस क्रूर वास्तविकता से अवगत कराना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जा सके।”

मीसा कानून के तहत 1 लाख से अधिक लोग भेजे गए थे जेल: गोपाल मोदी

भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने आपातकाल के दमन चक्र को याद करते हुए कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का दौर भारतीय लोकतंत्र का सबसे विवादास्पद समय था। इस दौरान राजनीतिक विरोधियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान देश भर में लगभग 1 लाख लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। हजारों सामाजिक नेताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को मीसा (MISA) जैसे कड़े कानूनों के तहत नजरबंद कर दिया गया था। यह दौर हमें हमेशा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सजग रहने की सीख देता है।

लोकतंत्र सेनानियों को किया गया नमन, लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले और संघर्ष करने वाले सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इसके साथ ही उपस्थित जनसमुदाय ने संविधान की मर्यादा और लोकतांत्रिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

प्रबुद्धजन और भाजपा पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस वैचारिक संगोष्ठी में सह संभाग प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, जिला महामंत्री संजय शर्मा, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, वरिष्ठ नेता विकास अग्रवाल, योगेश जैन, रेणुका राठिया, नवीन अरोड़ा, कमला बरेठ, सतीश झा, नवीन मारकंडे, अर्जुन गुप्ता, योगेश मिश्रा, मनोज लहरे, मनीष मिश्रा, प्रीति स्वर्णकार, अजय चंद्रा, कुलसिंह कंवर, प्रकाश अग्रवाल, राजेश लहरे, द्वारिका शर्मा, मोंटी पटेल, अविनाश दुबे सहित बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्धजन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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