
ओपीडी कक्ष में कंप्यूटर टेबल के नीचे छिपा था विषैला कोबरा, डॉक्टरों–मरीजों में दहशत; रेस्क्यू के बाद जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया।

कोरबा। जिला मेडिकल अस्पताल में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब ओपीडी कक्ष में डॉक्टर के कंप्यूटर टेबल के नीचे फन फैलाए बैठे एक विषैले कोबरा पर कर्मचारियों की नजर पड़ी। अचानक सांप दिखाई देने से डॉक्टरों, नर्सों, मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। हालांकि कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) के अध्यक्ष अविनाश यादव को सूचना दी।
जानकारी मिलते ही अविनाश यादव रेस्क्यू किट के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उस समय ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ थी और थोड़ी सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। उन्होंने पूरी सावधानी और पेशेवर तरीके से करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद विषैले कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रेस्क्यू बॉक्स में बंद कर लिया।
रेस्क्यू पूरा होने के बाद कोबरा को अस्पताल परिसर से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इससे न केवल अस्पताल में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का भी संदेश दिया गया।
RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप ठंडी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों, दुकानों, कार्यालयों और अस्पतालों जैसी इमारतों में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे समय घबराकर सांप को मारने या खुद पकड़ने की कोशिश करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। वहीं कोरबा वन विभाग और RCRS ने भी लोगों से आग्रह किया है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय उनके सुरक्षित रेस्क्यू में सहयोग करें।
जिला अस्पताल की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समय पर सूचना और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की मौजूदगी से बड़े हादसों को आसानी से टाला जा सकता है।



