
कोरबा में कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति का गरिमामय आयोजन, वक्ताओं ने कहा— डॉ. खूबचंद बघेल के विचार आज भी समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा…

कोरबा। छत्तीसगढ़ की पहचान, किसान आंदोलन के प्रखर पुरोधा, समाज सुधारक और जननायक डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती पर रविवार को कोरबा में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक समरसता से ओत-प्रोत एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति संस्थान, तुलसी नगर चौक, पंप हाउस रोड में आयोजित इस कार्यक्रम में कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति के पदाधिकारियों, समाज के वरिष्ठजनों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. खूबचंद बघेल के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. बघेल ने अपना संपूर्ण जीवन किसानों, श्रमिकों, वंचित वर्गों और छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी समाज को संगठित करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रेरणा देते हैं।
कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष रामकुमार वर्मा ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल केवल एक समाज विशेष के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आत्मा और किसान हितों के सबसे सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने समाज में शिक्षा, संगठन और जागरूकता की अलख जगाई। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, ताकि समाज सेवा और जनहित की भावना और मजबूत हो सके।
सुशील कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल का संघर्ष युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जीवनभर किसानों, श्रमिकों और उपेक्षित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। उनका जीवन आत्मसम्मान, सामाजिक एकता और सेवा का अद्भुत उदाहरण है।
शिवचरण कश्यप ने कहा कि डॉ. बघेल का जीवन हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है। सामाजिक समरसता, जनजागरण और किसान हितों के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने युवाओं से समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
समिति के उपाध्यक्ष एवं पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, शिक्षा और सामाजिक उत्थान को समर्पित रहा। उनके विचार वर्तमान समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके जीवनकाल में थे। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
सीताराम कश्यप ने कहा कि डॉ. बघेल ने समाज में समानता, भाईचारे और जनहित की भावना को नई दिशा दी। वे किसानों और आमजन की आवाज बनकर उभरे और समाज को आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेंगे।
कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति के सह कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की अमूल्य विरासत है। उनके आदर्श समाज को संगठित कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से उनके विचारों और सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, स्वाभिमान, सामाजिक चेतना और किसान हितों की अमिट पहचान हैं। उनका जीवन जनजागरण, सामाजिक न्याय और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष रामकुमार वर्मा, शिवचरण कश्यप, उपाध्यक्ष एवं पार्षद राकेश कुमार वर्मा, शिक्षक सूर्यदेव बघेल, श्रीमती पूर्णिमा बघेल, सीताराम कश्यप, सुशील कुमार वर्मा, सूरज कुमार वर्मा, महेंद्र कौशिक, सह कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी पवन कुमार सिन्हा, रामधन रजवाड़े, श्याम भाई, तुलसीदास जी, बलिराम रजवाड़े, योगेश कश्यप सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि डॉ. खूबचंद बघेल के आदर्शों, विचारों और समाज सेवा की विरासत को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा तथा शिक्षा, सामाजिक समरसता, जनजागरण और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
डॉ. खूबचंद बघेल के विचार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आज भी समाज को एकजुट करने, किसानों को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की जीवंत प्रेरणा हैं।



