
मानिकपुर में सुबह 4 बजे गहरे कुएं में गिरा था नंदी बैल, RCRS टीम, गौ सेवकों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ रेस्क्यू।
कोरबा। मानिकपुर क्षेत्र में मंगलवार तड़के करीब 4 बजे एक नंदी बैल अचानक गहरे कुएं में गिर गया। बैल की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो उसे पानी और कीचड़ के बीच जिंदगी के लिए संघर्ष करते देखा। सूचना मिलते ही रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) की टीम मौके पर पहुंची और शुरू हुआ करीब 7 घंटे तक चला चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान।
कुआं काफी गहरा और संकरा होने के कारण बैल को बाहर निकालना आसान नहीं था। रेस्क्यू टीम ने पहले स्थिति का जायजा लिया और फिर रस्सियों, बेल्ट व अन्य उपकरणों की मदद से अभियान शुरू किया। टीम में मानस, उमेश और राज के साथ स्थानीय गौ सेवक और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुटे।
काफी प्रयासों के बावजूद जब बैल को सुरक्षित बाहर निकालना संभव नहीं हुआ, तब उसकी जान बचाने के लिए कुएं का एक हिस्सा तोड़ना पड़ा। इसके बाद सभी के सामूहिक प्रयास से करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नंदी बैल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू सफल होते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर RCRS टीम और गौ सेवकों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद पशु चिकित्सक द्वारा बैल का प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात रही कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। उपचार के बाद बैल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर चारे और पानी की व्यवस्था की गई।
RCRS ने बताया कि बरसात के मौसम में खुले कुएं और गहरे गड्ढे मवेशियों व वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। ऐसे मामलों में आम लोगों को खुद रेस्क्यू करने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पशु और लोगों दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
RCRS ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई पशु या वन्यजीव कुएं, गड्ढे या किसी अन्य स्थान पर फंसा दिखाई दे तो तुरंत रेस्क्यू टीम, वन विभाग या संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर सके।



