
कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को खाते उपलब्ध कराने का आरोप, पुलिस ने की वैधानिक कार्रवाई; नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
कोरबा छत्तीसगढ़ // साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता, मोबाइल नंबर या अन्य बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना अब भारी पड़ सकता है। कोरबा पुलिस ने म्यूल अकाउंट के मामले में दो खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार दोनों ने कमीशन के बदले अपने बैंक खातों का उपयोग अन्य लोगों को करने दिया था।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कमीशन के बदले खाते किए उपलब्ध
भारत सरकार के गृह मंत्रालय से मिले निर्देशों के तहत साइबर थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों की जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़ी रकम के लेन-देन में होने की आशंका है।
इसी कार्रवाई के दौरान अलग-अलग बैंक खातों से जुड़े दो मामलों में धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में मानस नगर निवासी महेंद्र कुमार धीवर और कृष्ण नगर निवासी के. प्रभाकर राव द्वारा कथित तौर पर लाभ कमाने के उद्देश्य से अपने बैंक खाते अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग के लिए दिए जाने की बात सामने आई।
पुलिस के मुताबिक बाद में दोनों को जानकारी हुई कि उनके बैंक खाते होल्ड हो गए हैं। उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना अभी जारी है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
साइबर अपराधी अक्सर लोगों को कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते हैं या पहले से संचालित खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए करते हैं। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराता है, तो वह भी जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
बैंक खाता, ATM और SIM किसी को न दें
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर अपना बैंक खाता, ATM/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी, मोबाइल नंबर या SIM किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें।
पुलिस ने खास तौर पर कहा है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपने खाते में किसी अनजान व्यक्ति की रकम मंगवाकर दूसरे खाते में ट्रांसफर या नकद निकालकर देना भी जोखिम भरा हो सकता है।
नागरिकों को अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित जानकारी रखने और किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक एवं पुलिस को सूचित करने की सलाह दी गई है।
कोरबा पुलिस की अपील: थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, ATM, SIM या मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर खुद को साइबर अपराध की जांच और कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।



