
कोरबा छत्तीसगढ़ // नगर निगम में सोमवार को विरोध का एक अनोखा और चर्चित दृश्य देखने को मिला। नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने निगम अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए विरोध स्वरूप अपनी कुर्सी छोड़ दी और जमीन पर बैठकर निगम का कामकाज किया। उनके इस कदम से निगम कार्यालय में दिनभर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बना रहा।
सभापति नूतन सिंह ठाकुर का आरोप है कि लंबे समय से नगर निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों, लोकार्पण, भूमिपूजन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी पार्षदों और जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जा रही है। इससे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका और सम्मान दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 6 जून को निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर आयोजित लोकार्पण कार्यक्रमों की सूचना न तो महापौर को दी गई और न ही संबंधित पार्षदों को, जबकि ये कार्यक्रम जनता और जनप्रतिनिधियों से सीधे जुड़े हुए थे। इसी मुद्दे को लेकर सभापति ने अन्य पार्षदों के साथ निगम कार्यालय में जमीन पर बैठकर विरोध दर्ज कराया और पूरे मामले की जांच की मांग की।
सभापति ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को ही विकास कार्यों की जानकारी नहीं दी जाएगी तो जनता के प्रति उनकी जवाबदेही प्रभावित होगी। उन्होंने निगम प्रशासन से पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान देने की मांग की है।
वहीं, पूरे मामले पर नगर निगम आयुक्त ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित निगम सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम में सभापति के इस अनोखे विरोध ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद निगम प्रशासन क्या कदम उठाता है और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी किस तरह दूर की जाती है।



