
जांजगीर-चांपा // जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम भलवाही (लगरा) से दबंगई और हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ महज आने-जाने के लिए थोड़ा सा रास्ता मांगने पर सरपंच पति और उनके बेटे ने मिलकर एक महिला और उसके परिवार के साथ जमकर मारपीट की। पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर सरपंच पति और पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से गांव में पीड़ित परिवार में दहशत और तनाव का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम भलवाही निवासी पीड़ित महिला जलवंती खूंटे ने बताया कि 19 जुलाई की शाम लगभग 4 बजे वह अपने घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान पास स्थित गौठान के पास ईंटों से घेराबंदी का निर्माण कार्य चल रहा था। महिला ने निर्माण कर रहे सरपंच पुत्र राणा खूंटे से अपने घर के आवागमन के लिए थोड़ा सा रास्ता छोड़ने की गुजारिश की।
आरोप है कि राणा खूंटे ने रास्ता देने से साफ इनकार कर दिया और दूसरे लंबे रास्ते से जाने की बात कही।
गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और मारपीट
जब महिला ने निर्माणाधीन घेराबंदी से दो ईंटें हटाईं, तो राणा खूंटे भड़क गया और तुरंत अपने पिता फागूराम खूंटे (सरपंच पति) को मौके पर बुला लाया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए महिला को जान से मारने की धमकी दी और ईंट के टुकड़ों व हाथ-मुक्कों से उसकी पिटाई शुरू कर दी।
शोर सुनकर जब महिला के पति प्रेमलाल खूंटे और देवर प्यारेलाल खूंटे बीच-बचाव करने पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बुरी तरह मारपीट और अभद्रता की। इस हमले में महिला के दोनों हाथों में चोटें आई हैं, जबकि उसके देवर के पैर में गंभीर चोट लगी है। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत थाना मुलमुला पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई:
मुलमुला थाना पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ **भारतीय न्याय संहिता (BNS)** की धारा **296, 351(3), 115(2) एवं 3(5)** के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता सामाजिक तनाव
यह घटना दर्शाती है कि ग्रामीण इलाकों में रसूख के बल पर रास्ते जैसे छोटे-मोटे विवादों को किस तरह हिंसक रूप दे दिया जाता है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है और ग्रामीणों की नजरें पुलिस की निष्पक्ष जांच व आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं।



