
कोरबा छत्तीसगढ़ // जिले में लगातार हो रही हत्या, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सनसनीखेज वारदातों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और पुलिस व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के कोरबा शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि कोरबा की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों में पुलिस का भय लगभग खत्म हो चुका है।
राठौर ने पत्र में जिले में हाल के वर्षों में हुई कई चर्चित घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सरायपाली कोयला खदान में गोली मारकर हत्या, सुरक्षा कर्मियों को बंधक बनाकर डीजल व कबाड़ लूट, रशियन हॉस्टल के पास लोहे का पुल काटकर चोरी, कटघोरा में भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या, रजगामार में महिला की निर्मम हत्या, मोतीसागर पारा और पवन टॉकीज क्षेत्र की हत्याएं, सिल्वर सेंटर संचालक की हत्या, स्क्रैप व्यापारी अशरफ सहित कई हत्याकांड और चैतमा का 17 टुकड़ों वाला चर्चित हत्याकांड जिले में अपराध की भयावह तस्वीर पेश करते हैं।
उन्होंने कहा कि अपराध केवल शहर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कोयला खदानों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अपराधियों का आतंक फैल चुका है। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करनी पड़ी, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
महिला सुरक्षा को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। राठौर ने कहा कि बालको में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, पंप हाउस क्षेत्र में युवती पर चाकू से हमला जैसी घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल हैं। वहीं हाल ही में ज्वेलरी दुकान में कट्टा लेकर घुसे बदमाशों की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि दुकानदार साहस नहीं दिखाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
राठौर ने यह भी आरोप लगाया कि नवपदस्थ कोतवाली थाना प्रभारी का कुछ ही घंटों में राजनीतिक दबाव में तबादला होना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में जिले में सैकड़ों गंभीर अपराध हुए हैं, लेकिन उन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि कोरबा की कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए, शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


