
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह, दोनों नाबालिग थे स्कूटी पर सवार; “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान में 11 नाबालिग वाहन चालक भी पकड़े गए
कोरबा। तेज रफ्तार और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। सुनालिया मोड़ के पास बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सेंट जेवियर्स स्कूल के कक्षा 9वीं के छात्र हर्षवर्धन सिंह की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल है।
जानकारी के अनुसार, मिशन रोड निवासी हर्षवर्धन सिंह (13) पिता भूपेंद्र सिंह और वंशु कुमार जोशी (13) पिता विमल कुमार जोशी आपस में दोस्त थे। दोनों सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा 9वीं के छात्र थे। बुधवार शाम दोनों स्कूटी से टीपी नगर की ओर जा रहे थे। स्कूटी हर्षवर्धन चला रहा था। सुनालिया मोड़ के पास तेज रफ्तार के कारण स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई और सीधे डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हर्षवर्धन का सिर डिवाइडर से टकरा गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीछे बैठा वंशु उछलकर दूर जा गिरा। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया। हर्षवर्धन के सिर में गंभीर चोट के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। गुरुवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहीं वंशु के कंधे में फ्रैक्चर है और उसका उपचार जारी है।
हर्षवर्धन की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया। स्कूल में भी शोक का माहौल है। सहपाठी और शिक्षक इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के शिकार दोनों छात्र नाबालिग थे। इसके बावजूद वे तेज रफ्तार से स्कूटी चला रहे थे। पुलिस लगातार स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाकर नाबालिगों को वाहन नहीं चलाने की समझाइश देती है। साथ ही नाबालिगों को वाहन देने वाले अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। बावजूद इसके लापरवाही के कारण ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।
इसी बीच “सजग कोरबा–सतर्क कोरबा” अभियान के तहत यातायात पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर की गई कार्रवाई में 11 नाबालिग वाहन चालक पकड़े गए। उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 22 हजार रुपये का समन शुल्क लगाया गया। अभिभावकों को भी सख्त हिदायत दी गई।
कोरबा पुलिस ने अपील की है कि अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न सौंपें। यातायात नियमों का पालन और सुरक्षित वाहन संचालन ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।



