
कोरबा में MS एक्ट 2013 के कथित उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की मांग, पीड़ित परिवारों से मुलाकात का दिया गया निमंत्रण
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, नई दिल्ली के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लेकर कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश पिंपरे के नेतृत्व में परिसंघ एवं भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सिकन्दर उसर वर्षा, राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ, मयूर हथेल, प्रदेश अध्यक्ष परिसंघ, रामस्वरूप चौधरी, जिलाध्यक्ष शोषित वंचित समाज परिसंघ तथा देव बैरिसाल, जिलाध्यक्ष भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
आयोग के पदाधिकारियों से की मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने माननीय गुरदीप सिंह गिल, उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग तथा माननीय प्रियंक कानूनगो, सदस्य, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और उनके अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों से दोनों अधिकारियों को अवगत कराया।
विशेष रूप से जिला कोरबा में विभिन्न विभागों द्वारा MS एक्ट 2013 के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप एवं आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया।
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मुलाकात का आग्रह
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के पदाधिकारियों से छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान कोरबा सहित प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ित सफाई कर्मचारी परिवारों से मुलाकात करने का भी आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद होने पर उनकी वास्तविक समस्याओं और परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, आयोग की ओर से कोरबा, बिलासपुर और रायपुर आने का आश्वासन दिया गया है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रीय स्तर के अधिकारियों के हस्तक्षेप से सफाई कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समाधान होगा तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
संगठनों ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां, सुरक्षा और उनके वैधानिक अधिकार मिलना जरूरी है। सफाई कर्मचारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को लेकर संगठन लगातार संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाता रहेगा।



