
IG रामगोपाल गर्ग ने कहा—OTP, PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करें; SSP रजनेश सिंह बोले—ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत

बिलासपुर छत्तीसगढ़ // डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चल रहे राज्य स्तरीय “साइबर जागृति अभियान” के तहत बिलासपुर पुलिस ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के तरीके, उनसे बचाव और घटना होने पर तत्काल की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी गई।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहे इस महाअभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण करना है।
IG रामगोपाल गर्ग ने विद्यार्थियों को बताए साइबर सुरक्षा के जरूरी मंत्र

कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के जरिए अपराधी लोगों की जीवनभर की कमाई कुछ ही मिनटों में हड़प लेते हैं।
उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
IG गर्ग ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान मोबाइल एप्लीकेशन या APK फाइल डाउनलोड करने से भी बचें।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे साइबर जागरूकता से जुड़ी सेल्फी लेकर WhatsApp, Instagram और Facebook पर स्टेटस लगाएं, बिलासपुर पुलिस को फॉलो करें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।
SSP रजनेश सिंह बोले—डिजिटल सुविधा के साथ सतर्कता भी जरूरी

उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि साइबर अपराध आज समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है और युवा वर्ग भी इसका प्रमुख निशाना है। मोबाइल और इंटरनेट ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन डिजिटल दुनिया में की गई छोटी-सी लापरवाही भी व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार बना सकती है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया आज जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में सुविधा के साथ सुरक्षा और सतर्कता बेहद जरूरी है।
SSP रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी होती है तो घबराने के बजाय तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 और पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की कोशिश की जा सके।
MobiArmor ऐप की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को MobiArmor ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप मोबाइल में मौजूद संभावित खतरे वाले ऐप और फाइलों के संबंध में उपयोगकर्ता को सतर्क करने में मदद करता है।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं सुरक्षित रहें और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार तथा आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं।
Google Form क्विज में हिस्सा लेने पर मिलेगा E-Certificate
बिलासपुर पुलिस ने साइबर जागरूकता को विद्यार्थियों तक रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत Google Form के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों और बचाव से संबंधित जानकारी पढ़कर वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी में हिस्सा लिया जा सकता है।
SSP रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को इस पहल की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। प्रश्नोत्तरी में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को ई-मेल के माध्यम से ऑनलाइन प्रमाण पत्र (E-Certificate) प्रदान किया जाएगा।
जिले के थाना और चौकी स्तर पर भी चल रहा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “साइबर जागृति अभियान” केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि बिलासपुर जिले के प्रत्येक थाना और चौकी क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के माध्यम से आम नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराध के नए तरीकों के प्रति सतर्क करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, प्रशिक्षु IPS गगन कुमार सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके अलावा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो. निदेशक मनीष श्रीवास्तव, प्राचार्य, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

संदेश साफ—सतर्क रहें, जागरूक रहें
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाकर सुरक्षित और जागरूक डिजिटल समाज का निर्माण करना रहा।
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है—साइबर अपराध से बचने के लिए सावधान रहें, अपनी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें।
सतर्क रहें। जागरूक रहें।
बिलासपुर पुलिस



