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बुंदेली में गूंजेगा श्याम नाम, 80 किलो फूलों से सजेगा बाबा का भव्य दरबार…

40 फीट ऊंचे पंडाल में होगा अलौकिक श्रृंगार, 56 भोग, चुनरी उत्सव और पावन ज्योत के साथ भजन संध्या; हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद.

कोरबा / बुंदेली // कभी महज 50 श्रद्धालुओं से शुरू हुआ बुंदेली का श्याम अखाड़ा अब अपनी 12वीं वर्षगांठ में हजारों श्याम भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। शनिवार को यहां बाबा श्याम का भव्य दरबार सजाया जाएगा। 40 फीट ऊंचे पंडाल में करीब 80 किलो फूलों से बाबा का अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। इसके साथ ही 56 भोग, चुनरी उत्सव, पावन ज्योत और भजन संध्या का आयोजन होगा।

11 वर्षों की परंपरा बनी आस्था का बड़ा केंद्र

बुंदेली में श्याम अखाड़े की शुरुआत एक छोटे धार्मिक आयोजन के रूप में हुई थी। शुरुआती दौर में करीब 50 श्रद्धालु ही इसमें शामिल होते थे, लेकिन वर्षों की निरंतरता, सेवा, समर्पण और श्रद्धालुओं के जुड़ाव ने इस आयोजन को आज एक बड़े धार्मिक उत्सव का रूप दे दिया है। 12वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह आयोजन अब हर वर्ष हजारों श्याम भक्तों की प्रतीक्षा का केंद्र बनता जा रहा है।

80 किलो फूलों से सजेगा बाबा का दरबार

शनिवार को 40 फीट ऊंचे भव्य पंडाल में बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। करीब 80 किलो फूलों से सजने वाला बाबा का दरबार आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा। पावन ज्योत प्रज्वलित होने के साथ ही श्रद्धालु बाबा के दर्शन करेंगे। आयोजन में 56 भोग अर्पित किए जाएंगे और चुनरी उत्सव भी होगा।

भजन संध्या में गूंजेंगे श्याम के भजन

आयोजन के दौरान प्रसिद्ध भजन कलाकार शीतल पाण्डे, संजीव शर्मा और प्रीति सरगम अपनी प्रस्तुतियां देंगे। चार वर्ष पहले भजन गायक कन्हैया मित्तल की प्रस्तुति भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण पड़ाव रही थी। इसके बाद लगातार बढ़ता श्रद्धालुओं का जुड़ाव बताता है कि बुंदेली का श्याम अखाड़ा अब स्थानीय स्तर से आगे एक बड़ी धार्मिक पहचान बना रहा है।

भक्ति के साथ सेवा का संदेश

बुंदेली के श्याम अखाड़े की खासियत केवल भव्य आयोजन और श्रद्धालुओं की संख्या तक सीमित नहीं है। नि:शुल्क श्याम रसोई और महाप्रसाद की व्यवस्था के जरिए आयोजन समिति भक्ति के साथ सेवा का संदेश भी दे रही है। समिति का मानना है कि धार्मिक आयोजन केवल दर्शन और पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सेवा की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।

सालासर बालाजी मंदिर निर्माण भी अंतिम चरण में

बुंदेली की धार्मिक गतिविधियों को एक और विस्तार मिलने जा रहा है। श्री बालाजी सेवा संघ के माध्यम से सालासर बालाजी के भव्य मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मंदिर की छत और गुंबद का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में आने वाले समय में यह परिसर धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

शाम 6:15 बजे पहुंचने की अपील

आयोजन समिति श्री श्याम अखाड़ा परिवार बुंदेली ने धर्मप्रेमी नागरिकों से परिवार और इष्ट-मित्रों सहित आयोजन में शामिल होने की अपील की है। समिति ने श्रद्धालुओं से शाम 6:15 बजे पहुंचकर बाबा श्याम की पावन ज्योत के दर्शन करने और भजन संध्या में शामिल होने का आग्रह किया है।

शनिवार की शाम बुंदेली में जब बाबा श्याम की ज्योत प्रज्वलित होगी और हजारों श्रद्धालुओं के बीच ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ का जयघोष गूंजेगा, तब यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 12 वर्षों में मजबूत हुई आस्था, सेवा और परंपरा का उत्सव बनेगा।अगर चाहें तो इसे मैं और ज्यादा दमदार “न्यूज़ पोर्टल + SEO” फॉर्मेट में 3 अलग-अलग हेडलाइन विकल्पों के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।

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