ई-केवाईसी के नाम पर ‘उगाही का खेल’ — ₹50-₹50 वसूली करने वाला निषाद CSC सेंटर सस्पेंड…

छत्तीसगढ़ के कोरबा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन को ठेंगा दिखाते हुए ई-केवाईसी (e-KYC) के नाम पर महिलाओं से खुलेआम पैसे वसूले जा रहे थे। शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और निषाद CSC (कॉमन सर्विस सेंटर), मुड़ापार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
नगर निगम क्षेत्र मुड़ापार में संचालित इस चॉइस सेंटर पर आरोप है कि वहां हर महिला से ₹50-₹50 की अवैध वसूली की जा रही थी।
जबकि सरकार की गाइडलाइन साफ कहती है — e-KYC पूरी तरह मुफ्त है, इसके लिए एक भी रुपया लेना गैरकानूनी है।
शिकायत के बाद सख्त एक्शन
स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद विभाग ने जांच की।
जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद निषाद CSC सेंटर को सस्पेंड कर दिया गया।
गरीब महिलाओं से ‘मजबूरी का फायदा’
लंबी लाइनों में लगकर परेशान महिलाएं
योजनाओं का लाभ पाने की मजबूरी
और इसी मजबूरी का फायदा उठाकर संचालक कर रहा था वसूली
यह सिर्फ एक सेंटर का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।
बड़ा सवाल — जिम्मेदार कौन?
जब जिले स्तर पर मुफ्त e-KYC के आदेश हैं, तो फिर:
ये वसूली कैसे चल रही थी?
क्या अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी?
या फिर कहीं न कहीं इस खेल को संरक्षण मिल रहा है?
जनता के अधिकारों पर सीधा हमला
यह मामला सिर्फ नियम तोड़ने का नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के हक पर सीधा डाका है।
अगर समय रहते ऐसे बिचौलियों पर सख्ती नहीं हुई, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों में ही रह जाएंगी।



