
2025 में मई तक 127 मौतें, 2026 में घटकर 97 | ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस: 318 चालकों पर एक्शन | मवेशियों के गले में रेडियम पट्टी से रुके रात के हादसे.
जांजगीर-चांपा // पुलिस की पहल, मीडिया की निगरानी और जनता के सहयोग ने जांजगीर-चांपा में चमत्कार कर दिखाया है। जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 23% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल मई तक जहां 127 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा घटकर 97 रह गया है। यानी 5 महीने में 30 कीमती जिंदगियां बच गईं।
‘यह मीडिया-जनता के बिना संभव नहीं था’
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS ने कहा कि यह उपलब्धि अकेले पुलिस की नहीं है। “जागरूकता जनता की, कार्यवाही पुलिस की और निगरानी मीडिया की… इन तीनों के मेल से ही यह लक्ष्य हासिल हुआ है।”
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने गांव-गांव जाकर जनजागरूकता अभियान चलाया। लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रिपल सवारी नहीं, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने का पाठ पढ़ाया गया।
ब्लैक स्पॉट पर सर्जिकल स्ट्राइक
पुलिस ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर ‘लक्षित कार्रवाई’ की। जहां ओवरस्पीडिंग थी वहां स्पीड चेक, जहां नशे में वाहन चलाते थे वहां ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग। सड़क मरम्मत, लाइट व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने से भी हादसे कम हुए।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस
पिछले 5 महीने में 318 नशेड़ी ड्राइवरों पर 185 MV एक्ट के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। SP ने साफ कहा- “नशे में गाड़ी चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
रेडियम पट्टी बनी ‘जीवन रक्षक’
पुलिस की सबसे अनोखी पहल रही मवेशियों के गले में रेडियम पट्टी बांधना। रात में हाइवे पर घूमने वाले मवेशी अब दूर से चमकते हैं, जिससे ड्राइवर अलर्ट हो जाते हैं। इस पहल में जनता ने भी बढ़-चढ़कर साथ दिया।
‘सुरक्षित यातायात, सुरक्षित जीवन’
जिला पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन कर खुद और दूसरों की जिंदगी बचाएं।



