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बिलासपुर के कोनी थाने में कबाड़ी की VIP खातिरदारी पड़ी भारी; एसएसपी ने प्रधान आरक्षक समेत दो को किया लाइन अटैच…

बिलासपुर का कोनी थाना एक बार फिर खाकी को दागदार करने वाले कारनामे को लेकर सुर्खियों में है। बिलासपुर जिले में जहाँ एक तरफ अवैध कबाड़ सिंडिकेट के खिलाफ लगातार पुलिसिया अभियान चलाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं कोनी थाने के भीतर से आई एक संदेहास्पद तस्वीर ने इन दावों की पोल खोल दी है.

बिलासपुर छत्तीसगढ़ // कोनी थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। कथित कबाड़ कारोबारी अकबर खान की थाने के भीतर खातिरदारी करते हुए वायरल हुई तस्वीर ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर फोटो सामने आते ही लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं पूरे मामले की जांच एएसपी पंकज पटेल को सौंपी गई है।

जानकारी के मुताबिक वायरल तस्वीर में कथित कबाड़ी अकबर खान को कोनी थाने के भीतर आराम से बैठाकर चाय-पानी कराया जा रहा था। फोटो वायरल होने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा करने वाली पुलिस आखिर ऐसे लोगों को थाने में विशेष मेहमाननवाजी क्यों दे रही है। मामला बढ़ने पर पुलिस विभाग हरकत में आया और एसएसपी ने तत्काल रिपोर्ट तलब कर ली।

प्रारंभिक जांच में दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को कड़ा संदेश माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में जिलेभर में अवैध कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क पर पुलिस की निगरानी और सख्त हो सकती है।

एसएसपी की दो टूक, नहीं बक्शे जाएंगे अपराधी

एसएसपी रजनेश सिंह ने साफ कहा है कि किसी भी थाने को अपराधियों या अवैध कारोबारियों का दरबार नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी थाना क्षेत्र में अपराधियों को संरक्षण देने या विशेष सुविधा उपलब्ध कराने की शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के साथ थाना प्रभारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहेगी। जांच में यदि किसी थानेदार या अन्य अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। साथ ही अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई कर प्रकरण न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसएसपी के इस सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

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