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कोरबा में मनायी गयी पंडित नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि, कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि…

कोरबा छत्तीसगढ़ // स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में पदस्थ होने के बाद 17 वर्षों तक अपने सफल कार्यकाल में पं. जवाहर लाल नेहरू ने देश को मजबूत औद्यौगिक ढांचा प्रदान किया, वैज्ञानिक रूप से देश को समृद्ध किया, हारित क्रांति को साकार किया, गुट निरपेक्षता की निति को देशहित में सफलतापूर्वक लागु किया तथा विश्व बंधुत्व एवं शंातिपूर्ण सहअस्तित्व के सिद्धांतो को सुदृढ़ कर भारत को विश्व के नक्शे पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाया।
उक्त कथन जिला कांग्रेस अध्‍यक्ष मुकेश राठौर ने जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा शहर द्वारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के 62वीं पुण्यतिथि पर जिला कांग्रेस कार्यालय टी पी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम मे व्यक्त किया। श्री राठौर ने आगे कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, राष्ट्र निर्माता पं. जवाहर लाल नेहरू ने महात्मागंाधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया और देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कांग्रेस ओबीसी विभाग के जिलाध्‍यक्ष गजानंद साहु ने कहा कि भारत रत्न पं. जवाहर लाल नेहरू ने भारतीय क्षितिज पर एक लम्बे समय तक अपनी आभा फैलाए हुए सभी क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ गया और भारतीय राजनीतिक एवं सामाजिक चिंतन के इतिहास में अमर स्थान बना लिया।
कांग्रेस अजा प्रकोष्‍ठ के जिलाध्‍यक्ष नारायण कुर्रे ने कहा कि एक ऐसे कुशल राजनीतिज्ञ, सामाजिक एवं आर्थिक चिन्तक, उच्च कोटि के लेखक, पंचशील सिद्धांत के स्थापक, अर्थशास्त्री मानवतावाद के प्रबल समर्थक सहित बहुमुखी प्रतिभा के धनी पं. नेहरू जी को कोटि-कोटि नमन करता हॅू। उन्होने आगे कहा कि पंडित नेहरू केवल राजनीतिज्ञ नही थे अपितु वे एक बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न महान पुरूष थे। मानवीय संवेदनाओं से भरपूर व्यक्तित्व के धनी पं. जवाहर लाल नेहरू को पुरे विश्व के लोगों का अभूतपूर्व प्यार और सम्मान मिला।
कांग्रेस सेवादल अध्‍यक्ष प्रदीप पुराणे ने कहा कि पं. नेहरू ने भारत में लोकतंत्र को सबल बनाने में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा सभी को मानवीय प्रतिष्ठा और समानता प्रदान करने के लिए निरंतर अथक प्रयास करते रहे।
ब्‍लॉक अध्‍यक्ष पालुराम साहु ने कहा कि पं. नेहरू बच्चों में और भी अधिक लोकप्रिय थे। पं. नेहरू भी बच्चों के साथ बच्चे बन जाते थे बच्चों में इनकी लोकप्रियता के कारण ही उन्हें चाचा नेहरू कहा जाने लगा और उनके जन्मदिन को आज भी हम बाल दिवस के रूप में मनाते हैं।
बालको ब्‍लॉक अध्‍यक्ष ए डी जोशी ने बताया कि नेहरू जी उच्चकोटि के लेखक थे जिन्होने डिस्कवरी ऑफ इंडिया एवं ग्लिम्पिसज ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री लिखी इन दोनो पुस्तकों में वह सब कुछ है जो नेहरू को एक बडे़ विद्वान के रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
युवा कांग्रेस अध्‍यक्ष राकेश पंकज ने कहा कि सर्व प्रतिभा सम्पन्न तथा उनकी बहुमुखी प्रतिभा एवं स्वाभाविक उदारता सोने में सुगंध का कार्य करती थी निश्चय ही पं. नेहरू भारत के रत्न थे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सर्वप्रथम पं. नेहरू जी की तैल चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित तथा दो मिनट का मौन रख कर उन्हे श्रद्धांजलि दी गई तथा पं. नेहरू के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों तथा सिद्धांतों को आत्मसार करने संकल्प लिया।
इस अवसर पर गिरधारी बरेठ, मनहरण राठौर(इंटक), डॉ.रामगोपाल यादव, अनुज जायसवाल, रवि सिंह चंदेल, अजीत बर्मन, आरिफ खान, शशि अग्रवाल, ममता अग्रवाल, संगीता श्रीवास, झलकुंवर, माधुरी ध्रुव, लक्ष्‍मी महंत, हरविंदर सिंह, टी आर बरेठ, नितेश यादव, निकित खलखो, रजनी भारती, सुखनंदन सोनकर, वैभव कश्‍यप, सविता चौहान, शांति साहु, राजकुमार ग्‍यानचंदानी  सहित कांग्रेस के अनेकों पदाधिकारी उपस्थित थे।

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