
कोरबा। जिले में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर समाजसेवी जितेंद्र सारथी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अपराधों में बढ़ोतरी न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि जिले की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। ऐसे हालात में पुलिस, प्रशासन और आम नागरिकों को मिलकर सुरक्षित और अपराधमुक्त कोरबा बनाने की दिशा में काम करना होगा।
जितेंद्र सारथी ने कहा कि कोरबा एक औद्योगिक और विकासशील जिला होने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए भी जाना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां रोजगार, व्यवसाय और पर्यटन के उद्देश्य से आते हैं। ऐसे में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं जिले की सकारात्मक छवि को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने, कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उनका मानना है कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
समाजसेवी ने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देना, जनजागरूकता अभियान चलाना और नागरिकों का पुलिस के साथ सहयोग अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को देनी चाहिए।
जितेंद्र सारथी ने जिलेवासियों से अफवाहों से बचने, कानून का पालन करने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही कोरबा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त बनाया जा सकता है।



