
जांजगीर-चांपा,छत्तीसगढ़ // भारतीय जनाधिकार पार्टी के प्रदेश संयोजक अध्यक्ष दीपक दुबे ने ग्राम बिरगहनी, बलौदा में प्रस्तावित हिंद मल्टी सर्विसेज प्रा. लि. की कोल वॉशरी विस्तार और 25 मेगावाट AFBC पावर प्लांट परियोजना के विरुद्ध 53 बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच और पर्यावरणीय स्वीकृति के तत्काल स्थगन की मांग की है।
दीपक दुबे ने केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय नियामक संस्थाओं तथा जनसुनवाई अधिकारी को सौंपे आपत्ति पत्र में कहा कि यह मामला केवल क्षमता विस्तार का नहीं, बल्कि 2 नवंबर 2016 से संचालित परियोजना के उत्पादन, पर्यावरण अनुपालन, जल उपयोग, भूजल दोहन, कोयला अपशिष्ट प्रबंधन, जनस्वास्थ्य और CSR व्यय की समग्र जांच का है।
प्रमुख मांगें:
– जल संसाधनों, भूजल और सतही जल पर संचयी प्रभाव की जांच IIT, NEERI या CIMFR जैसी स्वतंत्र संस्था से कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
– स्थापना से अब तक के उत्पादन, परिवहन, रॉयल्टी, GST और रेलवे रिकॉर्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जाए।
– उत्पन्न कोयला अपशिष्ट, स्लरी और स्टॉक का DGPS-ड्रोन सर्वे कर भौतिक सत्यापन किया जाए।
– 10 किमी दायरे के 53 गांवों में पर्यावरण, सामाजिक, स्वास्थ्य और आजीविका प्रभाव का ग्रामवार आकलन हो।
– वायु, जल, शोर और भूजल निगरानी डेटा को सार्वजनिक कर थर्ड पार्टी सत्यापन कराया जाए।
– 83,700 टन प्रतिवर्ष फ्लाई एश के उपयोग, निस्तारण और पर्यावरण प्रभाव का स्वतंत्र परीक्षण हो।
– प्रभावित ग्रामीणों, बच्चों और श्रमिकों के स्वास्थ्य व श्रम कानून अनुपालन की जांच हो तथा CSR व्यय का ऑडिट सार्वजनिक किया जाए।
– 2022 की विभागीय जांच रिपोर्ट, निरीक्षण प्रतिवेदन और शो-कॉज नोटिस भी सार्वजनिक हों।
दीपक दुबे ने कहा कि उपरोक्त सभी जांच और अध्ययन पूर्ण होने तथा रिपोर्टों पर सार्वजनिक चर्चा व जनभागीदारी सुनिश्चित होने तक परियोजना की पर्यावरणीय, जल, भूजल और विस्तार स्वीकृति तत्काल प्रभाव से स्थगित रखी जाए।



