
कोरबा छत्तीसगढ़ // नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड 25-26 में 14.34 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे सीवरेज लाइन निर्माण पर अब तकनीकी गड़बड़ी और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगे हैं। वार्ड पार्षद अनुज कुमार जायसवाल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
पार्षद के मुताबिक, प्रोजेक्ट का मकसद सीवरेज और जल निकासी समस्या सुलझाना है, लेकिन काम DPR के अनुरूप नहीं हो रहा। क्षेत्र में सिर्फ 200 मिमी क्षमता की HDPE पाइप डाली जा रही है, जो बढ़ती आबादी के लिए नाकाफी है। पाइप कनेक्शन के चैंबर RCC/CC के बजाय फ्लाई ऐश ईंटों से बनाए जा रहे हैं, जबकि तकनीकी मानक RCC/CC को मजबूत मानते हैं।
सबसे बड़ी शिकायत निगरानी को लेकर है। पत्र में कहा गया है कि निर्माण स्थल पर निगम के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ नियमित तौर पर मौजूद नहीं हैं, जिससे ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहा है।
पार्षद ने कलेक्टर से उच्च स्तरीय तकनीकी जांच, DPR-डिजाइन की समीक्षा और पाइपलाइन क्षमता के पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। साथ ही घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई की चेतावनी दी कि सुधार नहीं हुआ तो करोड़ों रुपये बर्बाद होंगे और जनता फिर जलभराव-सीवरेज झेलेगी।





