2 लाख 21 हजार की फर्जी चोरी का खुलासा, देनदारों से बचने के लिए रची झूठी कहानी…

जांजगीर-चांपा // जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र में 2 लाख 21 हजार रुपये की कथित चोरी का मामला कुछ ही घंटों में झूठा निकला। पुलिस की त्वरित जांच में सामने आया कि आवेदक ने देनदारों को रकम लौटाने से बचने के लिए पूरी कहानी खुद गढ़ी थी।पुलिस के मुताबिक बनडभरा निवासी नरेश भारद्वाज ने थाना पहुंचकर शिकायत दी थी कि खेत की जमीन बेचने के बाद मिले 2 लाख 21 हजार रुपये उसने घर की अलमारी में रखे थे। रात में आंगन में सोने के दौरान अज्ञात लोग अलमारी घर से बाहर ले गए और उसमें रखी नकदी चोरी कर ली।
शिकायत मिलते ही जांजगीर-चांपा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बिर्रा पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आवेदक तथा उसके परिजनों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान बयान में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की।कड़ाई से पूछताछ में नरेश भारद्वाज टूट गया। उसने स्वीकार किया कि गांव के कुछ लोगों से उसने उधार लिया था और रकम लौटाने से बचने के लिए उसने झूठी चोरी की साजिश रची। उसने खुद अलमारी को घर से कुछ दूर क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दिया था और पूरी रकम घर की छत में छिपाकर रखी थी।इसके बाद पुलिस के सामने छिपाई गई पूरी रकम बरामद की गई। परिजनों और गवाहों की मौजूदगी में 2 लाख 21 हजार रुपये आवेदक को सुपुर्द कर दिए गए।
इस कार्रवाई में थाना बिर्रा पुलिस की सूझबूझ और त्वरित जांच से एक झूठे चोरी के मामले का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी जयकुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक टीआर जांगड़े, सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र शुक्ला, आर रघुबीर यादव, जनक कश्यप, आरक्षक दीपक तिवारी, महिला आरक्षक रितु लहरे का विशेष योगदान रहा।



