
कोरबा छत्तीसगढ़ // बालको क्षेत्र में स्थानीय रोजगार और जनसुविधाओं के मुद्दे को लेकर विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। स्थानीय युवाओं, महिलाओं और नागरिकों ने अब बालको प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। बालको की उत्सव वाटिका में हुई अहम बैठक में जन अधिकार समिति के संस्थापक विकास डालमिया की मौजूदगी में 3 सितंबर को रोजगार अधिकार रैली निकालने का निर्णय लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे सेक्टर-5 स्थित धन सिंह जी की प्रतिमा से बालको परसाभाटा गेट तक रोजगार अधिकार रैली निकाली जाएगी। रैली के बाद बालको प्रबंधन को मांगपत्र सौंपा जाएगा।
स्थानीय रोजगार के मुद्दे पर बालको प्रबंधन घिरा
बैठक में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। मांगपत्र में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार, महिलाओं के लिए विशेष अवसर, युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार, बाहरी भर्ती पर रोक सहित कई मांगें शामिल हैं।
इसके साथ ही बिजली-पानी की बेहतर व्यवस्था, सीएसआर के तहत महिलाओं के लिए प्रभावी योजनाएं और क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।
विकास डालमिया बोले—मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज

जन अधिकार समिति के संस्थापक विकास डालमिया ने कहा कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के रोजगार के अधिकार की अनदेखी नहीं की जा सकती। बालको प्रबंधन को स्थानीय लोगों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन आगे बढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
बैठक में कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल
बैठक में विभिन्न वार्डों से महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। इस दौरान जन अधिकार समिति के अध्यक्ष सुनील सुना, कोरबा पर्यावरण विकास समिति के सचिव अजय कुमार, पूर्व बसपा जिला प्रभारी बसंत दिक्सेना, पूर्व पार्षद बांदेकर मैडम, हम होंगे कामयाब महिला शक्ति से कलंद्रि परिहार, हीरा मैत्री और शुभा जी, कोरबा चेतना विकास समिति की अध्यक्ष विमला बंदे सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
3 सितंबर को होने वाली रोजगार अधिकार रैली अब इस पूरे विवाद का अगला बड़ा पड़ाव मानी जा रही है। स्थानीय रोजगार समेत अन्य मांगों को लेकर होने वाले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई है।



