
कोरबा (छत्तीसगढ़) // जनपद पंचायत कोरबा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तिलकेंजा में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) के नाम पर भारी वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन लाल बहादुर शास्त्री ने इस संबंध में कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत) एवं सीईओ (जनपद पंचायत कोरबा) को एक शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी तरीके से अपात्रों को बनाया पात्र
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश मीडिया प्रभारी मो. अरशद लारी द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र के अनुसार:
18 जुलाई 2024 की जांच: विशेष ग्राम सभा की बैठक में जांच के बाद कुल 214 हितग्राहियों को अपात्र पाया गया था। इनमें शासकीय नौकरी करने वाले, पक्का मकान वाले, अन्यत्र निवास करने वाले तथा पूर्व में आवास योजना का लाभ ले चुके दर्जनों लोग शामिल थे।
14 अप्रैल 2026 की बैठक: आरोप है कि सरपंच टेरस बाई कंवर, सरपंच पति देवमूरत कंवर और सचिव नवीता दुबे ने अधिकारियों/कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर नियमों को ताक पर रखते हुए 18.07.2024 को आधिकारिक रूप से अपात्र घोषित किए गए हितग्राहियों को स्वयं-सिद्धि तरीके से नई पंजी तैयार कर पात्र दर्ज कर दिया।
23 जून 2026 को राशि का आहरण: कूटरचित (फर्जी) ग्राम सभा पंजी के आधार पर पोर्टल पर गलत प्रविष्टि की गई। इसके बाद लगभग **48 से अधिक अपात्र/फर्जी खातों** में प्रथम किश्त के रूप में ₹40,000/- प्रति हितग्राही की दर से लाखों रुपये की शासकीय राशि आहरित (निकाली) कर ली गई।
किसान यूनियन ने की ये 4 मुख्य मांगें
शिकायत पत्र के माध्यम से एक निष्पक्ष जांच टीम गठित कर निम्नलिखित कठोर आदेश तत्काल जारी करने की मांग की गई है:
1. अपराध दर्ज हो: कूट-रचित ग्राम सभा पंजी तैयार करने एवं शासकीय धन का गबन करने वाले सरपंच, सचिव एवं संबंधित आवास प्रभारी/कर्मचारियों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
2. पात्रता निरस्त हो: 18.07.2024 को अपात्र घोषित किए गए सभी 66 हितग्राहियों की फर्जी पात्रता को तत्काल निरस्त कर योजना लाभ रद्द किया जाए।
3. गबन राशि की शत-प्रतिशत वसूली: आहरित की गई ₹40,000/- प्रति हितग्राही की दर से कुल राशि की शत-प्रतिशत वसूली भू-राजस्व की बकाया की भांति दोषी अधिकारियों, सरपंच-सचिव एवं अवैध लाभ लेने वाले व्यक्तियों से की जावे।
4. पद से बर्खास्तगी: छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40, 89 एवं 92 के तहत कड़ा प्रकरण दर्ज कर दोषी सरपंच एवं सचिव को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त किया जाए।





