
करीब एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बिजली सप्लाई बंद कर बेहद संकरी जगह से निकाला गया सांप; सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया.

कोरबा, छत्तीसगढ़ // जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेगा पिकनिक स्पॉट स्थित रिसॉर्ट में उस समय हड़कंप मच गया, जब विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा छिपा मिला। किंग कोबरा को देखते ही रिसॉर्ट के कर्मचारियों और पर्यटकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
किंग कोबरा की जानकारी मिलते ही रेस्ट हाउस मैनेजर इस्तिखार खान ने तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को सतरेगा के लिए रवाना किया गया।
मामले की जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को भी दी गई। उनके निर्देशानुसार उपवनमंडलाधिकारी रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन और बालको रेंजर जयंत सरकार के नेतृत्व में जितेंद्र सारथी और सिद्धांत जैन मौके पर पहुंचे।
बिजली बंद कर शुरू किया गया रेस्क्यू
मौके पर पहुंचते ही टीम ने सबसे पहले विद्युत विभाग को सूचना देकर संबंधित क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कराई, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी तरह का हादसा न हो। इसके बाद किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
किंग कोबरा विद्युत सर्किट बोर्ड के पीछे बेहद संकरी और मुश्किल जगह में छिपा हुआ था। ऐसे में उसे बाहर निकालना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत और पूरी सावधानी के बाद टीम ने लगभग 8 फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद पर्यटकों की भीड़ जमा हो गई। लोग इतने लंबे और फुर्तीले सांप को देखकर अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाते नजर आए। हालांकि, रेस्क्यू टीम ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा और पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा।
प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया किंग कोबरा
सफल रेस्क्यू के बाद आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई। इसके पश्चात किंग कोबरा को उसके लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
कोरबा के जंगलों में लगातार दिख रहे किंग कोबरा
बताया गया है कि कोरबा जिले के लेमरू, बालको, पसरखेत, करतला, कुदमुरा सहित आसपास के वन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा सामने आ रहे हैं। बार-बार किंग कोबरा मिलने को क्षेत्र में इनके अनुकूल प्राकृतिक आवास और संभावित प्रजनन गतिविधियों का संकेत माना जा रहा है।
रेस्क्यू टीम के अनुसार, अलग-अलग स्थानों से सामने आने वाले किंग कोबरा को लेकर यह जरूरी है कि वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से क्षेत्र में इनकी वास्तविक संख्या और आबादी की स्थिति का आकलन किया जाए।
जागरूकता से बच रही वन्यजीवों की जान
इस घटना का एक सकारात्मक पहलू यह भी सामने आया कि किंग कोबरा दिखाई देने के बाद लोगों ने उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दी। समय पर सूचना मिलने से सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सका।
वन विभाग एवं नोवा नेचर ने लोगों से अपील की है कि घर, संस्थान या किसी अन्य स्थान पर किंग कोबरा अथवा कोई भी सांप दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। सांप को खुद पकड़ने, भगाने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग अथवा प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।



