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जटंगा पंचायत में RTI को लेकर घमासान: सरपंच पति पर सरकारी कुर्सी पर बैठकर गाली-गलौज और धमकी का आरोप, पंचायत सचिव पर भी कार्रवाई की मांग…

RTI आवेदन जमा करने पहुंचे ग्रामीण ने लगाए गंभीर आरोप, CEO जनपद और पुलिस चौकी में दी शिकायत

कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। ग्राम पंचायत जटंगा में सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ही घटना को लेकर आवेदक ने पुलिस चौकी जटंगा और जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के समक्ष अलग-अलग शिकायतें प्रस्तुत कर कथित गाली-गलौज, धमकी, शासकीय कार्य में हस्तक्षेप और पंचायत के कामकाज में अनधिकृत दखल के आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता दीपक कुमार गुप्ता द्वारा 15 सितंबर 2026 को दी गई पुलिस शिकायत के अनुसार, वह दोपहर करीब 12:15 बजे ग्राम पंचायत भवन जटंगा में RTI अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन जमा करने पहुंचा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत भवन में सरपंच की शासकीय कुर्सी पर नारायण मरकाम बैठे थे, जिन्हें शिकायत में सरपंच पति एवं गैर-संवैधानिक/अनधिकृत व्यक्ति बताया गया है।

RTI आवेदन देखते ही विवाद बढ़ने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, जैसे ही दीपक गुप्ता ने RTI आवेदन प्रस्तुत किया, नारायण मरकाम कथित रूप से नाराज हो गए और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज एवं अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने लगे। विरोध करने पर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और पंचायत परिसर से बाहर जाने के लिए कहा गया।

शिकायत में कथित धमकी के तौर पर यह भी उल्लेख किया गया है कि “जाओ, जहाँ जाना है जाओ और जो करना है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” शिकायतकर्ता ने इसे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए पुलिस से FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पंचायत सचिव की भूमिका पर भी उठे सवाल

इसी मामले को लेकर CEO जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा को दी गई प्रशासनिक शिकायत में शिकायतकर्ता ने पंचायत सचिव इन्द्र प्रसाद मरकाम पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, सचिव की मौजूदगी में नारायण मरकाम द्वारा शासकीय कुर्सी पर बैठकर पंचायत के कार्यों में हस्तक्षेप किया जा रहा था।

आवेदक का आरोप है कि पंचायत सचिव ने कथित तौर पर अनधिकृत व्यक्ति को शासकीय सीट पर बैठने दिया और सरकारी दस्तावेजों एवं पंचायत के कार्यों में हस्तक्षेप करने से नहीं रोका। शिकायतकर्ता ने इसे पंचायत सेवा आचरण एवं प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन का मामला बताते हुए अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

“सरपंच पति को पंचायत संचालन की खुली छूट?”

प्रशासनिक शिकायत में शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि सरपंच पति को पंचायत के सरकारी कार्यों एवं बैठकों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, तो फिर उन्हें शासकीय कुर्सी पर बैठकर पंचायत कार्यों में दखल देने की अनुमति कैसे मिली?

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि नारायण मरकाम का पूर्व में विवादित एवं हिंसक गतिविधियों से जुड़ा इतिहास रहा है। हालांकि ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अथवा न्यायिक पुष्टि का उल्लेख दस्तावेजों में नहीं है।

गवाहों के नाम भी शिकायत में दर्ज

पुलिस को दी गई शिकायत में घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में इन्द्र प्रसाद मरकाम, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत जटंगा तथा जहीर खान, निवासी जटंगा बस्ती के नाम दर्ज किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने उपलब्ध साक्ष्य, ऑडियो/वीडियो तथा गवाहों के आधार पर मामले की जांच की मांग की है।

पुलिस से FIR, CEO से विभागीय कार्रवाई की मांग

दीपक कुमार गुप्ता ने पुलिस चौकी जटंगा में शिकायत देकर कथित गाली-गलौज, धमकी एवं जान-माल की आशंका के मामले में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं CEO जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा को दिए आवेदन में पंचायत सचिव की भूमिका की जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा पंचायत के सरकारी कामकाज में अनधिकृत हस्तक्षेप रोकने की मांग की गई है।

अब मामला पुलिस और जनपद पंचायत प्रशासन के समक्ष है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही उनकी पुष्टि हो सकेगी। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विवाद की शुरुआत एक RTI आवेदन जमा करने को लेकर होने का दावा किया गया है।

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