
भाजयुमो का अनोखा प्रदर्शन • स्थानीय युवाओं की भर्ती, सड़क खोलने और अवैध बैचिंग प्लांट हटाने की मांग • कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी…
कोरबा। बालको प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय युवाओं का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) बालको नगर मंडल ने सोमवार को बैंड-बाजे, नारियल और ज्ञापन के साथ बालको प्रबंधन कार्यालय का घेराव कर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर उनकी चार सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रबंधन के खिलाफ उग्र जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
भाजयुमो बालको नगर मंडल अध्यक्ष अश्वनी चंद्रा ने बताया कि उनकी सबसे प्रमुख मांग बालको स्मेल्टर विस्तार परियोजना के तहत 1050 स्थानीय युवाओं की सीधी भर्ती की है। उनका कहना है कि वर्षों से बालको नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभावों का सामना कर रहे हैं, इसलिए रोजगार में पहला अधिकार स्थानीय युवाओं का होना चाहिए।
संगठन ने दूसरी प्रमुख मांग के रूप में चेकपोस्ट से बेलगरी बस्ती के बीच संचालित अवैध बैचिंग प्लांट को तत्काल हटाने की मांग उठाई। आरोप लगाया गया कि इस प्लांट के कारण सड़क पर लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं तीसरी मांग परसाभाठा से अमरसिंह होटल होते हुए बालको जाने वाले मुख्य मार्ग को आम जनता के लिए फिर से खोलने की है। भाजयुमो का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के मार्ग बंद होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा स्थानीय हितों और जनसुविधाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता बैंड-बाजे के साथ बालको प्रबंधन कार्यालय पहुंचे, नारियल भेंट किया और ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। बताया गया कि बालको प्रबंधन ने मांगों पर विचार के लिए दो दिन का समय मांगा है।
अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल अध्यक्ष जय प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि यह प्रदर्शन “सोए हुए प्रबंधन को जगाने” की एक कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले प्रबंधन ने 1050 युवाओं को नियमित रोजगार देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि ज्ञापन स्वीकार करने में भी पूरे दिन कार्यकर्ताओं को इंतजार कराया गया, जिससे प्रबंधन की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
इस दौरान अश्वनी चंद्रा ने बताया कि युवा मोर्चा की बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और खेल के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना संगठन की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में युवा चौपाल, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, शिव मंदिरों में जलाभिषेक तथा जरूरतमंदों के बीच फल और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में युवाओं के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना तथा क्षेत्र की समस्याओं को शासन तक पहुंचाना युवा मोर्चा का मुख्य उद्देश्य है।
अब सभी की नजरें बालको प्रबंधन के अगले दो दिनों में आने वाले जवाब पर टिकी हैं। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो बालको क्षेत्र में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।



