
कोरबा। रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ में “बने खाबो–बने रिहबो 2.0” अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक सात दिवसीय सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कोरबा जिले में भी खाद्य विभाग द्वारा महीने की शुरुआत से ही विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है।

लगातार लिए जा रहे खाद्य पदार्थों के सैंपल
खाद्य विभाग की टीम ने 6 अगस्त को कटघोरा स्थित अमृततुल्य दूध डेयरी से पनीर का नमूना जांच के लिए लिया। वहीं 7 अगस्त को दीपका स्थित अन्नपूर्णा एवं शिवम डेयरी से दूध के नमूने लिए गए। टीपी नगर स्थित मां कालिका डेयरी से पनीर और खोवा के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए।
इसी क्रम में 11 अगस्त को गौमाता चौक, इमलीडुग्गू स्थित टाटा मिक्सचर फैक्ट्री से मिक्सचर का नमूना लिया गया। इसके अलावा बुधवानी प्रॉडक्ट्स से मावा बर्फी का सैंपल जांच के लिए लिया गया।
13 अगस्त को सांझा चूल्हा ढाबा का निरीक्षण कर वहां से पका हुआ चावल और आटा का नमूना भी खाद्य सुरक्षा जांच के लिए लिया गया।

सर्वमंगला डिस्ट्रीब्यूटर से लड्डू और मसूर पाक के सैंपल
इसी कड़ी में 17 अगस्त को खाद्य विभाग की टीम ने गौमाता चौक, सीतामढ़ी स्थित मा सर्वमंगला डिस्ट्रीब्यूटर का निरीक्षण किया। यहां से नारियल लड्डू और मसूर पाक के नमूने जांच के लिए लिए गए।
निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर करीब 10 हजार रुपये कीमत के खाद्य पदार्थों को सीज किया गया है। लिए गए खाद्य नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

त्योहार को लेकर खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी
रक्षाबंधन के दौरान मिठाई, पनीर, खोवा और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है, ताकि बाजार में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
“बने खाबो–बने रिहबो 2.0” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन के साथ-साथ आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है।



