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मेहनत को सम्मान,छोटे कर्मचारियों का बढ़ा हौसला: कोटेश, वीरेन्द्र और बसंत बने निगम के ‘फेस ऑफ द मंथ’, उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान

कोरबा, 20 अगस्त 2026। नगर पालिक निगम कोरबा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की पहल के तहत अगस्त माह के लिए कोटेश राव, वीरेन्द्र सिंह सैनी और बसंत सिदार को निगम का ‘फेस ऑफ द मंथ’ चुना गया है। कर्मचारियों के चयन पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत और निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने उन्हें बधाई देते हुए उनके कार्य के प्रति समर्पण, निष्ठा और बेहतर प्रदर्शन की सराहना की।

🔹 डेढ़ साल से जारी है सम्मान की पहल

नगर निगम में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ‘फेस ऑफ द मंथ’ चुने जाने की पहल शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य निगम में कार्यरत विशेषकर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य को पहचान देना, उनका उत्साहवर्धन करना और अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करना है।

इसी कड़ी में अगस्त माह के लिए कोटेश राव, वीरेन्द्र सिंह सैनी और बसंत सिदार का चयन किया गया है।

🔹 सम्मान से बढ़ रही बेहतर कार्य की प्रतिस्पर्धा

निगम प्रशासन की इस पहल से कर्मचारियों में अपने दायित्वों को बेहतर तरीके से निभाने का उत्साह बढ़ रहा है। खासकर छोटे कर्मचारियों को उनके काम की पहचान मिलने से उनमें उत्कृष्ट कार्य करने की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है।

‘फेस ऑफ द मंथ’ चुने जाने वाले कर्मचारी स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। साथ ही यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने तथा अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

🔹 सम्मान मिलने पर कर्मचारियों ने जताया आभार

‘फेस ऑफ द मंथ’ चुने गए कोटेश राव, वीरेन्द्र सिंह सैनी और बसंत सिदार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निगम प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके परिश्रम और कार्य के प्रति निष्ठा को सम्मान देकर निगम प्रशासन ने उनका मनोबल बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए निगम के कार्यों में अपना बेहतर योगदान देने का प्रयास करेंगे।

💠 कर्मचारियों के काम को पहचान देने की पहल

नगर निगम की ‘फेस ऑफ द मंथ’ पहल केवल सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन कर्मचारियों के काम को सामने लाने का माध्यम भी बन रही है, जो प्रतिदिन पर्दे के पीछे रहकर निगम की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कर्मचारियों के अच्छे कार्य को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलने से उनका मनोबल बढ़ने के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिल रही है।

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