
कोरबा, छत्तीसगढ़। कोरबा के दादर क्षेत्र में उस वक्त परिवार के लोगों में घबराहट फैल गई, जब एक घर में रात करीब 8:30 बजे एक साथ दो अहिराज सांप दिखाई दिए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वन विभाग और वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम **नोवा नेचर** को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी ने जब दोनों सांपों की स्थिति का निरीक्षण किया, तो पता चला कि वे प्रजनन अवस्था में हैं। इसके बाद जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य और सावधानी के साथ उनके प्राकृतिक रूप से अलग होने का इंतजार करने का निर्णय लिया गया।
🐍 जबरन अलग नहीं किया, डेढ़ घंटे तक रखा धैर्य
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे और स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। दोनों सांप प्रजनन अवस्था में होने के कारण उन्हें जबरन अलग करना उचित नहीं समझा गया। ऐसे में परिवार के सदस्यों को समझाइश दी गई और सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए दोनों सांपों के स्वतः अलग होने का इंतजार किया गया।
करीब **डेढ़ घंटे के इंतजार** के बाद नर और मादा सांप प्राकृतिक रूप से अलग हुए। इसके बाद जितेंद्र सारथी ने दोनों का एक-एक कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। वन विभाग के उच्च अधिकारियों को जानकारी देने के बाद दोनों सांपों को उनके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ दिया गया।
बेहद विषैला होता है अहिराज सांप
जितेंद्र सारथी के अनुसार, अहिराज सांप को अंग्रेजी में *Banded Krait* कहा जाता है, जिसका वैज्ञानिक नाम *Bungarus fasciatus* है। यह अत्यंत विषैला सांप है। इसके शरीर पर बनी चमकदार काली और पीली पट्टियां इसे दूसरे सांपों से अलग पहचान देती हैं।
यह मुख्य रूप से रात्रिचर होता है और सामान्यतः मनुष्यों से दूर रहने की प्रवृत्ति रखता है। प्रजनन के दौरान इस तरह की स्थिति देखने को कम मिलती है। ऐसे समय में जल्दबाजी करने के बजाय परिस्थिति को समझकर सावधानीपूर्वक कदम उठाना बेहद जरूरी होता है।
🌿 जितेंद्र सारथी की लोगों से अपील—सांप दिखे तो न घबराएं, न मारें
जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की है कि घर, आंगन या आसपास सांप दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम अथवा वन विभाग को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता, धैर्य और सही समय पर लिया गया निर्णय इंसान और प्रकृति, दोनों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
कोरबा में सामने आई यह घटना वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की भूमिका को रेखांकित करती है। **सांपों को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके प्राकृतिक रहवास में छोड़ना ही मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।**
📞 वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम, नोवा नेचर
संपर्क नंबर: 8817534455 | 7999622151



