
23 से 25 अक्टूबर तक चिकित्सकों को मिलेगी आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक की ट्रेनिंग, वहीं 23 अक्टूबर को स्कूल में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सेहत और पोषण पर होगा जागरूकता कार्यक्रम
कोरबा। बच्चों और नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार से लेकर स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तक, कोरबा में 23 अक्टूबर 2026 को बाल स्वास्थ्य से जुड़े दो महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहे हैं। एक ओर Chhattisgarh State Pedicon 2026 के अंतर्गत चिकित्सकों के लिए आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक POCUS (Point-of-Care Ultrasound) पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी, वहीं दूसरी ओर टी.पी. नगर स्थित श्री हरिकिशन पब्लिक स्कूल में OJAS – National School Health Collaborative Programme के माध्यम से बच्चों और किशोरों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
दोनों कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समग्र विकास को बढ़ावा देना है। जहां POCUS कार्यशाला चिकित्सकों को आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देगी, वहीं OJAS कार्यक्रम स्कूल समुदाय में स्वास्थ्य, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करेगा।
बच्चों के इलाज में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, चिकित्सकों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
Chhattisgarh State Pedicon 2026 के अंतर्गत आयोजित POCUS Workshop की थीम “Point-of-Care Ultrasound: From Image to Action” रखी गई है। इस तकनीक के माध्यम से मरीज के पास ही अल्ट्रासाउंड जांच कर उसकी चिकित्सकीय स्थिति का तत्काल आकलन करने में मदद मिलती है।
बाल चिकित्सा और नवजात शिशुओं के उपचार में POCUS तकनीक चिकित्सकों को बीमारी की स्थिति समझने, महत्वपूर्ण संकेतों का आकलन करने और उपचार संबंधी निर्णय लेने में सहायता कर सकती है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, अल्ट्रासाउंड इमेज की व्याख्या और विभिन्न क्लीनिकल परिस्थितियों में इसके उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पीजी विद्यार्थी, कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट हिस्सा लेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों के तकनीकी कौशल को मजबूत करना और बच्चों के उपचार में आधुनिक जांच पद्धतियों की उपयोगिता से अवगत कराना है।
हार्ट, ब्रेन और लंग्स अल्ट्रासाउंड से लेकर शॉक मैनेजमेंट तक की ट्रेनिंग
तीन दिवसीय कार्यशाला में बाल चिकित्सा और नवजात शिशुओं के उपचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इनमें हृदय की जांच के लिए ECHO, मस्तिष्क का अल्ट्रासाउंड, फेफड़ों की जांच, हीमोडायनामिक्स एवं शॉक मैनेजमेंट, गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं के प्रबंधन के प्रोटोकॉल और बच्चों में ट्रॉमा के दौरान POCUS के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इन विषयों की जानकारी आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की स्थिति का आकलन करने और उचित उपचार की दिशा तय करने में चिकित्सकों के लिए उपयोगी हो सकती है। साथ ही, जांच के निष्कर्षों का मूल्यांकन मरीज की समग्र क्लीनिकल स्थिति और जरूरत के अनुसार अन्य जांचों के साथ करना भी महत्वपूर्ण होगा।
देश के विभिन्न शहरों के विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन
POCUS Workshop में सूरत के कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजिस्ट एवं NfECHO Academy के निदेशक डॉ. मोहित साहनी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
कार्यक्रम के फैकल्टी में रायपुर के कंसल्टेंट पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनिल चौहान, कंसल्टेंट पीडियाट्रिक एवं नियोनेटल इंटेंसिविस्ट डॉ. पवन जैन, बिलासपुर के कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रीतिश बनर्जी तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकिता चंद्राकर शामिल हैं।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक की उपयोगिता, जांच की प्रक्रिया और बाल चिकित्सा में इसके व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा। यह कार्यशाला चिकित्सकों के ज्ञान और कौशल को विकसित करने के साथ बच्चों एवं नवजात शिशुओं के उपचार में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
POCUS Workshop: कब, कहां और कैसे?
– कार्यक्रम: Chhattisgarh State Pedicon 2026 – POCUS Workshop
– तारीख: 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026
– शुरुआत: 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से
– स्थान: होटल जश्न, कोरबा
– पंजीयन: कॉन्फ्रेंस रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
– अलग कार्यशाला शुल्क: नहीं
– संपर्क: 8085442269 (कॉल, टेक्स्ट या WhatsApp)
स्कूल में OJAS कार्यक्रम: बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर रहेगा जोर
इसी दिन कोरबा के टी.पी. नगर स्थित श्री हरिकिशन पब्लिक स्कूल में OJAS – National School Health Collaborative Programme का एक दिवसीय आयोजन होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों, किशोरों, शिक्षकों और स्कूल समुदाय के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, किशोरावस्था से जुड़े विषयों, पोषण, भावनात्मक कल्याण और बच्चों के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर फोकस रहेगा।
आज के समय में बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर ध्यान देना भी जरूरी है। संतुलित पोषण, नियमित शारीरिक गतिविधियां, स्वस्थ दिनचर्या और भावनात्मक सहयोग बच्चों के बेहतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्कूल ऐसा वातावरण है, जहां बच्चों में कम उम्र से ही स्वस्थ आदतें विकसित करने और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने में मदद मिल सकती है। OJAS कार्यक्रम इसी दिशा में स्कूल समुदाय को जागरूक करने की पहल है।
OJAS Programme: कार्यक्रम की जानकारी
– कार्यक्रम: OJAS – National School Health Collaborative Programme
– तारीख: 23 अक्टूबर 2026
– अवधि: एक दिवसीय
– स्थान: श्री हरिकिशन पब्लिक स्कूल, टी.पी. नगर, कोरबा
आधुनिक चिकित्सा और स्कूल स्वास्थ्य जागरूकता का संगम
कोरबा में आयोजित होने वाले ये दोनों कार्यक्रम बाल स्वास्थ्य के दो अहम पहलुओं को सामने लाते हैं। POCUS Workshop के जरिए चिकित्सकों को आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा, जबकि OJAS Programme बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य, पोषण तथा मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित होगा।
बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों का कौशल विकास और स्कूल स्तर पर स्वस्थ वातावरण तैयार करना, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। ऐसे आयोजन बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में सकारात्मक पहल के रूप में देखे जा सकते हैं।



