
सक्ती, छत्तीसगढ़ | 20 अक्टूबर 2026
असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक पावन पर्व विजयादशमी (दशहरा) के अवसर पर आज जिला मुख्यालय स्थित रक्षित केंद्र सक्ती में विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। इस पारंपरिक अनुष्ठान में जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता कर कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का संकल्प दोहराया।

कलेक्टर और एसपी ने की विधि-विधान से पूजा
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर जयश्री जैन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्रों की पूजा-अर्चना की। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी भुवनेश्वरी पैकरा ने भी शिरकत की। सभी अधिकारियों ने विधि-विधान से पूजा कर जिले की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईश्वर से मंगलकामना की।

कर्तव्यनिष्ठा और सुरक्षा का संकल्प
भारतीय सनातन परंपरा में शस्त्र पूजा को शक्ति, साहस, कर्तव्य और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है। पुलिस बल के लिए यह आयोजन आम नागरिकों की सुरक्षा करने, जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने का संदेश देता है।
अधिकारियों ने दी जिलेवासियों को शुभकामनाएं
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने समस्त जिलेवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारे और प्रेम का संदेश बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक उमेश राय, थाना प्रभारी सक्ती लखन पटेल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सक्ती पुलिस का संदेश:
बुराई पर अच्छाई की विजय का यह पावन पर्व हम सभी को सत्य, न्याय, सद्भाव और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देता है। सक्ती पुलिस समस्त क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।


