
डीजल चोरी का खुलासा करने के 3 दिन बाद पत्रकार मनीष जायसवाल पर जानलेवा हमला! पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच, FIR और CCTV खंगालने की मांग।
कोरबा (छत्तीसगढ़)।
जिले में खनिजों और ईंधन (डीजल) की अवैध तस्करी का पर्दाफाश करना अब पत्रकारों के लिए जानलेवा साबित होने लगा है। निर्भीक पत्रकारिता की आवाज़ को दबाने के लिए माफिया किस हद तक गिर सकता है, इसकी एक खौफनाक बानगी कोरबा के अग्रसेन स्कूल मार्ग पर देखने को मिली।
‘JB News Korba Chhattisgarh’ के पत्रकार मनीष जायसवाल जब देर रात अपने घर लौट रहे थे, तब एक अज्ञात स्कार्पियो सवार गिरोह ने उन्हें एक्टिवा सहित कार से कुचलकर मारने का प्रयास किया। समय रहते भांप लेने और सूझबूझ दिखाते हुए एक्टिवा किनारे करने की वजह से पत्रकार की जान बच सकी।
क्या है पूरा मामला? (घटना का विवरण)
प्राप्त जानकारी और एसपी (SP) कोरबा को दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना की रात लगभग 11:00 बजे पत्रकार मनीष जायसवाल पुराने बस स्टैंड से अपनी एक्टिवा द्वारा सर्वमंगला रोड स्थित अपने घर जा रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से उनके परिचित श्री दीपक धमेचा भी अपनी कार से उनके ठीक पीछे-पीछे चल रहे थे।
इसी बीच, अग्रसेन स्कूल के बगल वाली सड़क पर (ऑटो सेंटर, अग्रवाल जी की बड़ी बिल्डिंग और हनुमान मंदिर के पास) एक अज्ञात स्कार्पियो वाहन अचानक बीच में आ घुसा और संदिग्ध गतिविधियों के साथ मनीष की एक्टिवा को सीधी टक्कर मारकर कुचलने का प्रयास करने लगा। स्थिति की गंभीरता और हमले की नीयत को भांपते हुए पत्रकार ने तुरंत अपनी गाड़ी किनारे की। इस पूरी घटना के दौरान दीपक धमेचा प्रत्यक्षदर्शी के रूप में मौजूद थे।
डीजल चोरी के खुलासे से बौखलाया माफिया!
पत्रकार मनीष जायसवाल ने खुलासा किया है कि इस खौफनाक हमले से महज तीन दिन पहले उन्होंने अपने समाचार माध्यम ‘JB News Korba Chhattisgarh’ पर डीजल चोरी से संबंधित एक बड़ा वीडियो एक्सपोज किया था। इस संबंध में उन्होंने प्रगति आईटी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) महोदय को भी अवगत कराया था।
खबर के प्रसारित होते ही डीजल माफिया में हड़कंप मच गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी का बदला लेने और सच्चाई की आवाज बंद करने की नीयत से इस जानलेवा वारदात को अंजाम देने की साजिश रची गई।
पुलिस प्रशासन से प्रमुख मांगें (कार्रवाई की सुई अब पुलिस की ओर):
चौथे स्तंभ (पत्रकारिता) पर हुए इस सीधे हमले के बाद पत्रकार जगत में भारी रोष है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP), जिला कोरबा को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है:
* तत्काल FIR एवं सख्त कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात स्कार्पियो सवारों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए।
* CCTV फुटेज जब्त हों: घटना स्थल (अग्रसेन स्कूल रोड, ऑटो सेंटर, अग्रवाल जी की बिल्डिंग व हनुमान मंदिर आसपास) और आने-जाने वाले रास्तों के CCTV कैमरों की जांच कर स्कार्पियो का नंबर व हमलावरों की पहचान की जाए।
* प्रत्यक्षदर्शी का बयान: घटना के समय मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी श्री दीपक धमेचा का आधिकारिक बयान दर्ज किया जाए।
* पत्रकार की सुरक्षा: स्वतंत्र पत्रकारिता और जनहित में निष्पक्ष खबरें दिखाने वाले पत्रकारों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर है:
क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने वाले डीजल चोर और स्कार्पियो सवार गुंडे खुलेआम घूमते रहेंगे? या कोरबा पुलिस तत्परता दिखाते हुए CCTV खंगालकर इन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजेगी?



